BLO की फील्ड वेरिफिकेशन के बाद AERO वेरिफिकेशन होता है। आइए जानते हैं AERO वेरिफिकेशन के स्टेप:
1. फॉर्म डिटेल और दस्तावेज़ जाँच
इस चरण में AERO यह देखता है कि फॉर्म सही भरा गया है या नहीं और जो दस्तावेज़ लगाए गए हैं, वे फॉर्म की जानकारी से पूरी तरह मेल खाते हैं या नहीं। नाम, उम्र, पता और संबंध की जाँच की जाती है।
2. DSE (डाटा की विस्तृत जाँच)
इस स्टेप में आपके रिकॉर्ड की गहराई से जाँच होती है।
आपकी जानकारी को पुरानी वोटर लिस्ट (जैसे 2003 की सूची), मैपिंग रिकॉर्ड और सिस्टम में मौजूद डाटा से मिलाया जाता है।
अगर यहाँ सब सही पाया गया तो मामला बिना रुकावट आगे बढ़ जाता है, वरना नोटिस या अतिरिक्त जाँच लग सकती है।
3. AERO एक्शन
DSE के बाद AERO निर्णय लेता है।
फॉर्म को स्वीकृत करना, फील्ड वेरिफिकेशन की आवश्यकता बताना या किसी गलती पर आपत्ति / नोटिस जारी करना, यही सब इसी चरण में होता है।
4. फील्ड वेरिफिकेशन रिपोर्ट सबमिट
अगर दोबारा फील्ड वेरिफिकेशन कराया गया है तो BLO द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट AERO को सौंपी जाती है।
इस रिपोर्ट के आधार पर अंतिम फैसला लिया जाता है।
संक्षेप में समझें:
AERO वेरिफिकेशन का मकसद यह तय करना होता है कि आपकी जानकारी और दस्तावेज़ पूरी तरह सही हैं या नहीं, ताकि आगे चलकर वोटर लिस्ट में कोई दिक्कत न आए।
*जिन लोगों के पास जन्म प्रमाण पत्र, हाई स्कूल मार्कशीट या पासपोर्ट में से कोई भी पक्का DOB वाला दस्तावेज़ नहीं है, उनके लिए एक रास्ता है।*
ऐसे में आप PAN कार्ड को DOB प्रूफ के रूप में लगाकर फ़ॉर्म नंबर 6 भर सकते हैं और उसे अपने BLO के पास जमा कर दें।
ध्यान रखने वाली बातें:
• PAN कार्ड साफ़ और पढ़ने लायक हो
• फ़ॉर्म 6 पूरी तरह सही भरा हो
• BLO से फील्ड वेरिफिकेशन ज़रूर करवाएँ
आख़िरी तारीख़ का इंतज़ार न करें, क्योंकि बाद में दिक्कत आ सकती है।
PAN कार्ड में जन्म तिथि दर्ज होती है, इसलिए कई मामलों में इसे स्वीकार किया जा रहा है।
