19 February 2026

सुप्रीम कोर्ट में टीईटी मामले में सरकार करे मजबूत पैरवी, शिक्षक संगठनों की मांग

लखनऊ। अखिल भारतीय शिक्षक संघर्ष मोर्चा की ऑनलाइन बैठक में उत्तर प्रदेश के लाखों शिक्षकों से जुड़े टीईटी मामले को लेकर सरकार से सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पैरवी करने की मांग उठाई गई। बैठक में कहा गया कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य किए जाने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में प्रभावी ढंग से पक्ष रखा जाए, ताकि प्रदेश के लगभग 1.86 लाख शिक्षकों को राहत मिल सके।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सरकार को सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ और अनुभवी अधिवक्ताओं का पैनल खड़ा करना चाहिए, जिससे शिक्षकों के हितों की प्रभावी रक्षा हो सके। साथ ही निर्णय लिया गया कि इस विषय को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर समस्याओं से अवगत कराया जाएगा और आगे की रणनीति तय की जाएगी।

इस ऑनलाइन बैठक में विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें प्राथमिक शिक्षक संघ के विनय तिवारी, महामंत्री उमाशंकर सिंह, प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय द्विवेदी, यूनाइटेड टीचर्स के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र राठौर, राष्ट्रीय सह संयोजक अनिल यादव, बेसिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मंजीत यादव और टीएससीटी के अध्यक्ष विवेकानंद सहित कई अन्य प्रतिनिधि शामिल रहे।

बैठक में यह भी बताया गया कि तमिलनाडु में शिक्षकों के लिए टीईटी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जहां 18 फरवरी से आवेदन लिए जा रहे हैं और परीक्षा का आयोजन जुलाई में प्रस्तावित है। वहीं हरियाणा में भी टीईटी को लेकर नई समयसीमा तय की गई है।

शिक्षक संगठनों ने सरकार से मांग की है कि प्रदेश के शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखा जाए, ताकि शिक्षकों के भविष्य और सेवा सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।