बलिया में फर्जी हेडमास्टर की छुट्टी: फेक मार्कशीट के सहारे 20 साल नौकरी करने वाले प्रधानाध्यापक बर्खास्त
उत्तर प्रदेश में बलिया जिले के प्राथमिक विद्यालय नोनियापुरा (बाछापार), शिक्षा क्षेत्र पंदह में तैनात हेडमास्टर ध्रुवनाथ यादव का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि उन्होंने ग्रेजुएशन की फर्जी मार्कशीट पेश करके पिछले 20 सालों से बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी की।
शिकायतकर्ता दिनेश कुमार यादव ने सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक आजमगढ़ को शपथ पत्र और लिखित शिकायत दी, जिसमें शिक्षक के शैक्षणिक अभिलेखों में हेराफेरी का आरोप लगाया गया।
जांच में सामने आई चौंकाने वाली हकीकत
जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि ध्रुवनाथ यादव ने अपने स्नातक अंकपत्र में हेराफेरी की थी। वास्तविक अंक 445 होने के बावजूद उन्होंने विभाग को 504 अंक दिखाए। इस तरह 59 अंकों की बढ़त दिखाकर उन्होंने नौकरी हासिल की।
शिकायत के आधार पर संबंधित महाविद्यालय, श्री बजरंग स्नातकोत्तर महाविद्यालय दादर आश्रम सिकंदरपुर के प्राचार्य से रिपोर्ट मांगी गई। प्राचार्य की रिपोर्ट में फर्जी मार्कशीट की पुष्टि हुई। बीए में 504 अंक पाने की जानकारी संबंधित शिक्षक की ओर से मानव संपदा पोर्टल पर भी दर्ज की गई थी।
विभागीय कार्रवाई और बर्खास्तगी
बीएसए मनीष कुमार सिंह ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए ध्रुवनाथ यादव को बर्खास्त कर दिया। विभाग ने आदेश दिया कि अब तक शिक्षक को दिए गए वेतन और भत्तों की पूरी वसूली की जाए। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी को शिक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का भी निर्देश दिया गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त नियुक्ति पूरी तरह अवैध मानी जाती है।
ध्रुवनाथ यादव से विभागीय स्तर पर स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन उनकी ओर से कोई भी तर्कसंगत और संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस आधार पर विभाग ने उनकी नियुक्ति निरस्त कर दी।
भविष्य में कड़ी निगरानी
बेसिक शिक्षा विभाग ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे मामलों की गंभीर निगरानी की जाएगी। किसी भी शिक्षक द्वारा फर्जी दस्तावेज पेश कर नौकरी प्राप्त करने की संभावना को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।

