यूपी बोर्ड की फर्जी वेबसाइट तैयार करने के मामले में खुलासे, सरगना का 60-70 शिक्षण संस्थानों से था संपर्क
प्रयागराज। माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की फर्जी वेबसाइट तैयार कर मार्कशीट और डिग्री बेचने के मामले में कई अहम खुलासे हुए हैं। इस गिरोह ने कानपुर, लखनऊ, जौनपुर समेत कई शहरों में करीब सात हजार फर्जी डिग्रियां जारी कर दी थीं। हैरानी की बात यह है कि ये डिग्रियां यूपी समेत अन्य राज्यों के नामी विश्वविद्यालयों के नाम पर तैयार की गई थीं।
जांच में पता चला कि गिरोह सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था। सोशल मीडिया और एजेंट के जरिये छात्रों को कम समय में डिग्री दिलाने का लालच दिया जाता था।
इसके बदले मोटी रकम वसूली जाती थी। बिना परीक्षा दिए ही बी-फार्मा, डी-फार्मा आदि की डिग्रियां उपलब्ध करा दी जाती थीं। पुलिस जांच में सामने आया कि इन नकली डिग्रियों का इस्तेमाल कई लोगों ने नौकरी पाने और मेडिकल स्टोर खोलने में भी किया।
पुलिस के मुताबिक, आजमगढ़ के एक बी-फार्मा कॉलेज के संचालक शशि प्रकाश राय का कानपुर, जौनपुर, लखनऊ, मेरठ, वाराणसी समेत यूपी के कई शहरों के 60-70 एजुकेशन सेंटर से संपर्क था। पुलिस की एक टीम सभी एजुकेशन सेंटर का सत्यापन करने में जुट गई है। पुलिस जांच में पता चला कि फर्जी डिग्री देने वालों के गिरोह का नेटवर्क यूपी के अलावा हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल से लेकर कई अन्य राज्यों तक फैला है। कई और शातिरों के नाम सामने आने पर पुलिस ने कोलकाता समेत अन्य राज्यों में दबिश दी है।

