लखनऊ, । परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में अब आगे टाइम टेबल खुद तय करेंगे। स्कूल के प्रधानाध्यापक इसे बनाएंगे और इससे पढ़ाई में आसानी होगी। अभी केंद्रीयकृत व्यवस्था के तहत विभाग ही टाइम-टेबल तय करता है। ऐसे में कई विद्यालयों को उसका सख्ती से पालन करने में कठिनाई होती है।
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परिषदीय प्राथमिक स्कूल एक अप्रैल से 30 सितंबर तक सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक और फिर एक अक्तूबर से 31 मार्च तक सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक खुलते हैं। ऐसे में कई विद्यालयों में छात्रों के हिसाब से शिक्षक की तैनाती रहती है, तो वहां केंद्रीयकृत टाइम टेबल को आसानी से लागू कर लिया जाता है। कुछ स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण टाइम टेबल का पालन करने में कठिनाई होती है। ऐसे में अब प्रधान अध्यापक अपने स्तर से 40-40 मिनट के पीरियड तय करेगा और उसका पालन कराएगा। फिलहाल इससे विद्यालयों में पाठ्यक्रम को तय समय पर पूरा कराने में आसानी होगी। यही नहीं क्षेत्रीय व आंचलिक गतिविधियों को भी जोड़ा जा सकेगा। खेल की कक्षा के साथ-साथ नवाचार के लिए शिक्षक अपने-अपने स्तर से प्रयास कर सकेंगे। वह यह देखेंगे कि क्षेत्र विशेष के अनुसार किस तरह की गतिविधियों को टाइम टेबल में शामिल किया जाना आवश्यक है। फिलहाल स्कूलों के संचालन में आसानी होगी। उप्र बीटीसी शिक्षक संघ के अध्यक्ष अनिल यादव का कहना है कि इससे स्कूलों में गतिविधियां बढ़ेंगी और संचालन में आसानी होगी।

