लखनऊ, । जबरन प्रीपेड किए गए मीटरों का मामला नियामक आयोग पहुंच गया है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने आयोग में लोकमहत्व प्रस्ताव दाखिल किया है। सूत्र बताते हैं कि उधर पावर कॉरपोरेशन में मीटरों को प्रीपेड किए जाने और प्रीपेड मोड में ही नया कनेक्शन दिए जाने के आदेश को वापस लेने की तैयारी कर रहा है।
याचिका में उपभोक्ता परिषद प्रीपेड किए गए 70 लाख से ज्यादा मीटरों को तत्काल पोस्टपेड में बदलने की मांग की है। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आयोग से मांग की है कि वह इस संबंध में तत्काल बिजली कंपनियों और पावर कॉरपोरेशन को आदेश जारी करे।
अवमानना नोटिस पर मांगा जवाब: नियामक आयोग ने पावर कॉरपोरेशन और केस्को से अवमानना नोटिस पर भी सात दिनों में जवाब मांगा है। कानपुर में टैरिफ पर सुनवाई के दौरान उपभोक्ता परिषद ने विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 47(5) का उल्लंघन करने पर अवमानना याचिका दाखिल की थी। इसी धारा के तहत प्रीपेड या पोस्टपेड मीटर चुनने का विकल्प दिया गया है।
हाल ही में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी इस धारा पर स्पष्ट किया था। इसके अलावा सीईए ने नई अधिसूचना में स्मार्ट मीटरों के प्रीपेड होने की अनिवार्यता समाप्त कर दी है।

