लखनऊ के माल थाना क्षेत्र में जेहटा मार्ग काकराबाद में सर्राफ सुभाष चंद्र मौर्या और उनकी पत्नी से पांच लाख की लूट कालीचरण इंटर कॉलेज की शिक्षिका और बदायूं के प्राथमिक विद्यालय में तैनात उसके पति ने की थी। वारदात में शिक्षक का भाई भी शामिल था। यह चौंकाने वाला खुलासा पुलिस की तफ्तीश में हुआ। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार लुटेरों में गोलागंज निवासी शिक्षिका दानिशा फातिमा, उसका पति शिक्षक मो. अफसर और देवर मो. अजमल हैं। ये संतकबीरनगर जनपद के मेहंदावल गुलरिया में कसौना खुर्द गांव के रहने वाले हैं। डीसीपी ने बताया कि काकोरी के कुशमौरा निवासी सुभाष चंद्र मौर्य ने पांच लाख रुपये की लूट का मुकदमा दर्ज कराया था। सुभाष ने बताया था कि उनकी समर ज्वैलर्स के नाम से दुकान है। पांच अप्रैल को वह पत्नी मिथलेश के साथ स्कूटी से पांच लाख रुपये लेकर चौक सर्राफा बाजार जेवर लेने जा रहे थे। इसी बीच उनके पास महिला शिक्षिका का फोन आया। उसने कम कीमत में जेवर मुहैया कराने की बात कही तो पत्नी के साथ रुपये लेकर जेहटा रोड पर पहुंचे। वहां एसयूवी सवार दानिशा फातिमा, मो. अफसर और उनका साला अजमल मिला। उन्होंने सोने का एक टुकड़ा दिखाया। फिर कुछ अन्य जेवर दिखाए। कुछ आशंका होने पर जेवर लेने से मना कर दिया। सुभाष ने बताया कि जैसे ही वे आगे बढ़े तो कार सवार आरोपियों ने झपट्टा मार कर रुपये का बैग लूट लिया। शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देते हुए एसयूवी से भाग निकले।
दो माह से नहीं जा रही शिक्षिका, पति निलंबित
एसीपी सुजीत कुमार दुबे ने बताया कि दानिशा फातिमा कालीचरण इंटर कॉलेज में ऊर्दू की शिक्षिका है। वहीं, मो. अफसर बदायूं के एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक था। दानिशा दो माह से विद्यालय नहीं जा रही है। वहीं, अफसर छह माह पूर्व किसी मामले में निलंबित हुआ था। उसके बाद से दोनों ठगी और टप्पेबाजी की घटनाएं कर रहे थे। एसीपी के मुताबिक लुटेरे शिक्षक दंपति ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने 50 लाख रुपये लोन लिया था। फाइनेंस कंपनी के लोग लोन चुकाने का दबाव बना रहे थे। इसके लिए टप्पेबाजी और लूट कर रहे थे।

