21 May 2026

जनगणना ड्यूटी से गायब कर्मचारियों पर होगी एफआईआर

 

जनगणना ड्यूटी से गायब कर्मचारियों पर होगी एफआईआर


 जनगणना के कार्य में लापरवाही बरतने वाले सुपरवाइजरों और प्रगणकों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को स्मार्ट सिटी कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में स्पष्ट कर दिया गया कि जो कर्मचारी अब तक ड्यूटी और प्रशिक्षण में शामिल नहीं हुए हैं, उनके खिलाफ 22 मई से एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

अपर नगर आयुक्त अभिनव रंजन श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह, विनय कुमार राय समेत कई जोनल अधिकारी मौजूद रहे। समीक्षा के दौरान सामने आया कि लगभग 75 प्रतिशत सुपरवाइजर और प्रगणक जनगणना कार्य से जुड़ चुके हैं, लेकिन 25 प्रतिशत कर्मचारी अब भी अनुपस्थित हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों ने इसे गंभीर लापरवाही माना।

नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि सभी अनुपस्थित कर्मचारियों को 21 मई तक अंतिम अवसर दिया जाए। इसके बाद भी ड्यूटी जॉइन नहीं करने वालों के खिलाफ जनगणना अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

तैनाती स्थल पर ड्यूटी को लेकर पंचायत सहायकों का प्रदर्शन

सरोजनीनगर क्षेत्र के पंचायत सहायकों ने गुरुवार को तहसील परिसर में प्रदर्शन कर अपनी मूल तैनाती वाली ग्राम पंचायत में ही जनगणना ड्यूटी लगाने की मांग की। पंचायत सहायकों का कहना था कि उन्हें मात्र 66 हजार रुपये मानदेय मिलता है। वर्तमान में उनकी ड्यूटी ग्राम पंचायतों से 25 से 30 किलोमीटर दूर लगाई गई है, जिससे कम मानदेय में दूरस्थ क्षेत्रों में कार्य करना कठिन हो रहा है।

जनगणना ड्यूटी लेने पहुंचे शिक्षक से अभद्रता

जनगणना ड्यूटी का आदेश लेने नगर निगम जोन चार कार्यालय पहुंचे शिक्षक के साथ कर्मचारियों द्वारा अभद्रता का मामला भी सामने आया है। पीड़ित शिक्षक डॉ. अनिल अवस्थी ने नगर आयुक्त, जोनल अधिकारी और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी से शिकायत की है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी विनय राय ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी।