प्रयागराज। प्रदेश के परिषदीय माध्यमिक, उच्च प्राथमिक और बेसिक विद्यालयों में निरीक्षण के दौरान मिलने वाली कमियों का अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए विश्लेषण किया जाएगा। शासन स्तर पर इसकी तैयारी शुरू हो गई है।
अधिकारियों द्वारा प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड की जाने वाली सूचनाओं का एआई विश्लेषण करेगा और सुधार संबंधी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके आधार पर स्कूलों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्देश दिए गए कि एआई के माध्यम से विद्यालयों में मिलने वाली समस्याओं और कमियों का त्वरित एवं तार्किक समाधान निकाला जाए। इसके लिए स्कूल स्टाफ के विरुद्ध कार्रवाई के साथ-साथ सुधारात्मक उपायों पर भी ध्यान दिया जाएगा।
बैठक में यह भी बताया गया कि प्रदेश के राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों में संचालित आईटी और एआई पाठ्यक्रमों में बड़ी संख्या में छात्रों ने पंजीकरण कराया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अनुसार 11वीं और 12वीं कक्षा के लगभग तीन लाख छात्र-छात्राएं एआई कोर्स से जुड़ चुके हैं।
विभाग ने विद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि बच्चों की डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) योजनाओं से जुड़ी जानकारी समय पर पोर्टल पर अपडेट की जाए, ताकि योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ विद्यार्थियों तक पहुंच सके।

