**बेसिक स्कूलों में 347479 विद्यार्थी, सिर्फ 300456 की बनी अपार आईडी**
**• डीबीटी और दूसरे स्कूलों में प्रवेश लेने पर हो सकती है कठिनाई**
**• 46454 छात्र-छात्राओं की आईडी बनाने की नहीं शुरू हुई प्रक्रिया**
प्रयागराज :** प्रत्येक विद्यार्थी की अपार आईडी बननी है। यह छात्र-छात्राओं का डिजिटल पहचान (लाइफटाइम परमानेंट नंबर) है, जो सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड, अंकपत्र, डिग्री और उपलब्धियों को एक जगह सुरक्षित डिजिटल रूप में संग्रहीत करने में सहायक है। इस दिशा में अब तक संपूर्ण लक्ष्य नहीं प्राप्त हुआ है।
प्रयागराज में कुल 2833 परिषदीय विद्यालय हैं। सत्र 2025-26 के विवरण के अनुसार 347479 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इनमें से 300456 विद्यार्थियों की ही अपार आईडी बनी है। 115 छात्र-छात्राओं की आईडी बनाने की प्रक्रिया गतिमान है जबकि 454 विद्यार्थियों की आईडी बनाने का प्रयास किया गया लेकिन किन्हीं कारणों से सफलता नहीं मिली। अबतक 46454 छात्र-छात्राओं की आईडी बनाने के लिए आवेदन प्रक्रिया ही नहीं शुरू की गई।
अपार आईडी न बनने से बहुत से छात्र-छात्राओं को दूसरे विद्यालयों में प्रवेश लेने में परेशानी हो रही है। जेईई या सीयूईटी जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के फार्म भरते समय अपार आईडी यूं तो अनिवार्य नहीं है लेकिन कुछ कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। इसीक्रम में सीबीएसई और अन्य बोर्ड के फार्म भरने में भी छात्र-छात्राओं को प्रक्रियागत परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बेसिक स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की डीबीटी की राशि भी अटक सकती है। बेसिक स्कूलों के बच्चों की बात करें तो सब से अधिक सहसों विकासखंड के विद्यालयों में पंजीकृत बच्चों की अपार आईडी नहीं बनी है। यहां 1393 छात्र-छात्राओं की अपार आईडी के लिए अब तक आवेदन नहीं किया गया है। यह कुछ विद्यार्थियों का 18.08 प्रतिशत है। इस विकासखंड में कुल 72 परिषदीय स्कूल हैं। दूसरे पायदान पर प्रतापपुर है।
यहां 3098 छात्र-छात्राओं की अपार आईडी के लिए आवेदन करना शेष है। बीएसए अनिल कुमार की ओर से जारी आंकड़े के अनुसार उरुवा में 2320, चाका में 2391, बहरिया में 2620, मेजा में 2875, बहादुरपुर में 2793, धनुपुर में 2567 विद्यार्थियों की अपार आईडी के लिए अब तक आवेदन नहीं किया जा सकता है।
नगर क्षेत्र के स्कूलों में 699, कौंधियारा में 1559, मांडा में 2601, सैदाबाद में 2406, शंकरगढ़ में 2367, फूलपुर में 1902, होलागढ़ में 1499, मऊआइमा में 1422, श्रृंगवेरपुर में 1039, हंडिया में 1996, कोरांव में 3052, जसरा में 1539, कौड़िहार प्रथम में 658, कौड़िहार द्वितीय में 323, करछना में 1635, भगवतपुर में 929 और सोरांव में 771 विद्यार्थी बिना अपार आईडी के हैं।

