28 June 2026

हर बच्चे को मिला शिक्षा का अधिकार, छात्रवृत्ति योजना ने बदली तस्वीर

हर बच्चे को मिला शिक्षा का अधिकार, छात्रवृत्ति योजना ने बदली तस्वीर

डीबीटी से बिचौलियों की भूमिका खत्म

उत्तर प्रदेश सरकार की छात्रवृत्ति योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा सामान्य वर्ग के पात्र विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

योजना का सबसे बड़ा बदलाव Direct Benefit Transfer (DBT) व्यवस्था है। अब छात्रवृत्ति की राशि सीधे विद्यार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है तथा पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है।

योगी सरकार की प्रमुख उपलब्धियां

  • शिक्षा के क्षेत्र में आर्थिक बाधाएं कम हुईं।

  • छात्रवृत्ति वितरण पूरी तरह डिजिटल हुआ।

  • डीबीटी से पारदर्शिता बढ़ी और फर्जीवाड़े पर अंकुश लगा।

  • लाखों विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति का लाभ मिला।

  • अनुसूचित जाति एवं सामान्य वर्ग सहित विभिन्न वर्गों के विद्यार्थियों को लाभ मिला।

दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए विशेष व्यवस्था

दिव्यांग छात्रों के लिए भी छात्रवृत्ति की विशेष व्यवस्था की गई है। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

पारदर्शी प्रवेश लेने वालों को लाभ

छात्रवृत्ति केवल पात्र एवं नियमानुसार प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को ही प्रदान की जाती है।

वार्षिक छात्रवृत्ति (उदाहरण):

  • ग्रुप-1

    • डे-स्कॉलर: ₹13,500

    • होस्टलर: ₹13,500

  • ग्रुप-2

    • होस्टलर: ₹9,500

    • डे-स्कॉलर: ₹6,500

  • ग्रुप-3

    • सामान्य स्नातक/स्नातकोत्तर: ₹6,000

  • ग्रुप-4

    • नॉन-मेंटेनेंस (कक्षा 9-10): ₹4,000

    • डे-स्कॉलर: ₹2,500

शिक्षा के प्रति प्रतिबद्ध सरकार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए छात्रवृत्ति योजना को लगातार मजबूत किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी विद्यार्थी आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।

फर्जी आवेदनों पर सख्ती

सरकार ने छात्रवृत्ति प्रक्रिया में बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, डिजिटल सत्यापन और अन्य तकनीकी उपायों को लागू कर फर्जी आवेदनों पर प्रभावी रोक लगाई है।

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