लखनऊ। राजधानी के परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक बच्चों को अब अपना दोस्त बनाएंगे। इससे उनकी जिज्ञासा समझने में आसानी होगी। इसके लिए 100 परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को डायट प्राचार्य की अध्यक्षता में नई शिक्षा नीति के तहत विकसित मॉड्यूल सक्षम का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। ये प्रधानाध्यापक अब अपने विद्यालयों के शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे।
प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि विद्यालय से क्षेत्रीय प्रतिनिधियों को कैसे जोड़ना है। तीन दिवसीय प्रशिक्षण में कहा गया कि एसएसईआरटी का लक्ष्य है कि विद्यालयों में प्रभावी शैक्षिक वातावरण बन सके। डायट प्राचार्य राम प्रवेश ने कहा कि विद्यालय में ऐसा माहौल हो कि बच्चा कभी अनुपस्थित न हो। उसका खुद स्कूल आने का मन करे।
पढ़ाई के लिए किया जाएगा प्रेरित :
विद्यालयों में कई बच्चे अक्सर अनुपस्थित मिलते हैं। ये नियमित पढ़ने आएं, ऐसे बच्चों की सूची अलग से तैयार की जाएगी। फिर बच्चों की क्षमता का आकलन करते हुए शैक्षिक गतिविधियों के माध्यम से उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया जाएगा।
> "विद्यालय में अध्यापक की भूमिका अहम होती है। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इसे ध्यान में रखते हुए शिक्षकों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया है। उन्हें बताया गया है कि वे अपने विद्यालय की तस्वीर कैसे बदल सकते हैं।"
– राम प्रवेश, उप निदेशक व डायट प्राचार्य

