🚨📚 उत्तर प्रदेश में स्कूल प्रवेश और जन्मतिथि दर्ज करने को लेकर बड़ा निर्देश जारी! अब इन दस्तावेजों के आधार पर ही होगी जन्मतिथि का अंकन
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज ने 29 जुलाई 2026 को एक महत्वपूर्ण पत्र जारी कर प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रवेश के समय जन्मतिथि (Date of Birth) दर्ज करने की प्रक्रिया को लेकर विस्तृत निर्देश दिए हैं। यह आदेश भविष्य में जन्मतिथि संशोधन से जुड़े विवादों को रोकने और विद्यार्थियों के शैक्षिक अभिलेखों को अधिक प्रमाणिक बनाने के उद्देश्य से जारी किया गया है।
📌 आदेश जारी करने की वजह
परिषद के अनुसार, जन्मतिथि संशोधन के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। जांच के दौरान पाया गया कि कई मामलों में—
✅कक्षा-1 में प्रवेश के समय बच्चे की आयु शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009 के अनुसार निर्धारित आयु से कम दर्ज की गई।
✅प्रवेश के समय जन्मतिथि किस दस्तावेज़ के आधार पर दर्ज की गई, इसका उल्लेख विद्यालय अभिलेखों में नहीं किया गया।
✅इस कारण बाद में जन्मतिथि संशोधन के मामलों में विवाद और कठिनाइयाँ उत्पन्न होती हैं।
---
📌 कक्षा-1 में प्रवेश की आयु
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि RTE Act, 2009 के अनुसार कक्षा-1 में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 6 वर्ष निर्धारित है। इसलिए प्रवेश के समय आयु का सही सत्यापन आवश्यक है।
---
📌 जन्मतिथि दर्ज करने के लिए मान्य दस्तावेज
यदि जन्म प्रमाण पत्र उपलब्ध है, तो उसी के आधार पर जन्मतिथि दर्ज की जाएगी।
यदि जन्म प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं है, तो निम्न में से किसी एक दस्तावेज़ के आधार पर जन्मतिथि अंकित की जा सकती है—
✅अस्पताल या एएनएम (Auxiliary Nurse Midwife) का अभिलेख
✅आंगनबाड़ी केंद्र का अभिलेख
✅ग्राम पंचायत के जन्म एवं मृत्यु पंजी का अभिलेख
✅माता-पिता अथवा अभिभावक द्वारा शपथ-पत्र (Affidavit)
---
📌 जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों के लिए विशेष निर्देश
आदेश में सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को निर्देशित करने का अनुरोध किया गया है कि—
✅टी.सी. (Transfer Certificate) पर प्रतिहस्ताक्षर करते समय हस्ताक्षरकर्ता का नाम और पदनाम स्पष्ट रूप से लिखा जाए।
✅टी.सी. पर एस.आर. पंजिका (Scholar Register) संख्या का उल्लेख अनिवार्य रूप से किया जाए।
✅विद्यालय यह स्पष्ट दर्ज करें कि प्रवेश के समय जन्मतिथि किस दस्तावेज़ के आधार पर अंकित की गई थी।
---
📌 यह आदेश क्यों महत्वपूर्ण है?
इस निर्देश से—
✅भविष्य में जन्मतिथि संशोधन से जुड़े विवाद कम होंगे।
✅विद्यालयी अभिलेख अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनेंगे।
✅बोर्ड परीक्षाओं एवं अन्य सरकारी प्रक्रियाओं में जन्मतिथि संबंधी समस्याओं में कमी आएगी।
✅फर्जी या बिना प्रमाण के जन्मतिथि परिवर्तन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
📢 सभी प्रधानाध्यापक, शिक्षक, अभिभावक एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लिए यह आदेश अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रवेश के समय सही दस्तावेज़ के आधार पर जन्मतिथि दर्ज करना भविष्य में होने वाली अनेक समस्याओं से बचा सकता है!!!💐💐💐
#UPEducation #BasicEducation #SchoolAdmission #BirthCertificate #EducationUpdate


