जूनियर शिक्षक भर्ती को लेकर B.Ed अभ्यर्थियों की मांग तेज, क्या नियमों में संभव है डायरेक्ट भर्ती? जानिए पूरा मामला
उत्तर प्रदेश में जूनियर शिक्षक भर्ती को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर कुछ B.Ed अभ्यर्थी जूनियर टीईटी (Junior TET) आयोजित कराने के साथ-साथ जूनियर विद्यालयों में सीधी (Direct) शिक्षक भर्ती निकालने की मांग कर रहे हैं। वहीं इस मुद्दे पर परिषदीय शिक्षकों के बीच भी लगातार बहस चल रही है।
जानकारी के अनुसार, वर्तमान में परिषदीय विद्यालयों के अनेक शिक्षक पिछले 10 से 15 वर्षों से पदोन्नति (Promotion) का इंतजार कर रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे शिक्षकों की भी है जिन्होंने जूनियर टीईटी उत्तीर्ण कर रखा है, लेकिन अब तक उनका प्रमोशन नहीं हो सका है।
क्या कहती है नियमावली?
मौजूदा सेवा नियमावली के अनुसार, जूनियर विद्यालयों में शिक्षक के पदों को पदोन्नति के माध्यम से भरे जाने का प्रावधान है। यानी इन पदों पर सामान्य परिस्थितियों में सीधी भर्ती का प्रावधान नहीं है। इसी कारण विशेषज्ञों का मानना है कि केवल मांग उठने से डायरेक्ट भर्ती की प्रक्रिया शुरू होना संभव नहीं माना जा सकता, जब तक नियमों में संशोधन न किया जाए।
सोशल मीडिया पर चल रही है बहस
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर B.Ed अभ्यर्थियों की ओर से जूनियर विद्यालयों में सीधी भर्ती की मांग को लेकर पोस्ट और अभियान देखने को मिल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर परिषदीय शिक्षक संगठन पहले लंबित पदोन्नतियों को पूरा कराने की मांग उठा रहे हैं।
फिलहाल जूनियर विद्यालयों में डायरेक्ट भर्ती को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा या शासनादेश जारी नहीं हुआ है। मौजूदा नियमों के अनुसार पदोन्नति का प्रावधान लागू है। ऐसे में डायरेक्ट भर्ती संबंधी चर्चाओं को आधिकारिक निर्णय नहीं माना जाना चाहिए। यदि भविष्य में सरकार नियमों में कोई बदलाव करती है, तभी इस संबंध में नई व्यवस्था लागू हो सकती है।

