08 July 2026

शिक्षकों की संख्या बढ़ी, ड्रॉपआउट घटा

 

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को यूडीआईएसई प्लस (यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इनफार्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस) 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट जारी की। इसके अनुसार देश की स्कूल शिक्षा व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किए गए हैं। शिक्षकों की संख्या बढ़ी है। छात्र-शिक्षक अनुपात बेहतर हुआ है।



स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों (ड्रॉपआउट) की संख्या घटी है। रिपोर्ट के अनुसार माध्यमिक शिक्षा में नामांकन और छात्र प्रतिधारण दर (पढ़ाई बीच में न छोड़ना) में वृद्धि हुई है। स्कूलों में कंप्यूटर, इंटरनेट और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी तेजी से विस्तार हुआ है। बताया गया है कि वर्ष 2022-23 में देश में शिक्षकों की संख्या 94.83 लाख थी, जो 2025-26 में बढ़कर 1.02 करोड़ हो गई है। पिछले तीन वर्षों में शिक्षकों की संख्या में 8.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार का कहना है कि इससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर छात्र-शिक्षक अनुपात सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।


स्कूली शिक्षा में चंडीगढ़ अव्वल, दिल्ली दूसरे स्थान पर


नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी स्कूल शिक्षा प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक (पीजीआई-2.0) 2025-26 की रिपोर्ट में चंडीगढ़ देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य/केंद्र शासित प्रदेश बनकर उभरा है। वहीं, दिल्ली, पंजाब और केरल को दूसरे सर्वोच्च प्रदर्शन वर्ग में स्थान मिला है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पीजीआई 2.0 पारंपरिक रैंकिंग प्रणाली नहीं है। इसमें राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को उनके अंकों के आधार पर अलग-अलग प्रदर्शन श्रेणियों में रखा जाता है। इसलिए समान अंक पाने वाले एक से अधिक राज्य एक ही श्रेणी में हो सकते हैं।