प्रयागराज: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने वर्ष 2022 की प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) भर्ती का अंतिम चयन परिणाम तो घोषित कर दिया, लेकिन हिंदी विषय की अंतिम उत्तरकुंजी के उसके एक उत्तर पर विशेषकर उन अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई है, जो इसके कारण चयन से बाहर हो गए हैं। इसके लिए साक्ष्यों के साथ आयोग में प्रत्यावेदन तो दिया है, साथ ही हाईकोर्ट में याचिका भी दाखिल की है। आयोग के अंतिम उत्तरकुंजी के उत्तर को गलत सिद्ध करने के लिए 11 पाठ्यपुस्तकों के संदर्भ को अभ्यर्थियों ने साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया है।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग इस भर्ती परीक्षा में अंग्रेजी विषय में 29 प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर से पूछने तथा चार गलत प्रश्न के कारण पहले से हाई कोर्ट में उलझा है और अब इसी भर्ती के हिंदी विषय को लेकर भी आपत्ति आई है। हिंदी विषय के अभ्यर्थियों धर्मेन्द्र कुमार सिंह, ज्ञान सिंह यादव, राजश्री शुक्ला आदि ने आयोग को प्रत्यावेदन देकर बताया है कि हिंदी विषय में जो उत्तरकुंजी छह जुलाई को जारी की गई थी, उसमें प्रश्न संख्या 102 के प्रश्न 'पुनरुक्ति दोष' किस श्रेणी का है? के उत्तर में विकल्प डी (अर्थ दोष) को सही माना गया था। इसके बाद जब परिणाम के साथ 28 जुलाई को अंतिम उत्तरकुंजी जारी की गई, तो उसमें इस प्रश्न के विकल्प सी (वाक्य दोष) को सही बता दिया गया। इससे असंतुष्ट 17 अभ्यर्थियों ने आयोग अध्यक्ष/सचिव को संबोधित प्रत्यावेदन में बताया है कि प्रथम उत्तरकुंजी के अनुसार उनके 121 प्रश्न (484 अंक) सही थे और वह चयन सूची में आ रहे थे, लेकिन अंतिम यानी द्वितीय उत्तरकुंजी में प्रश्न संख्या 102 के उत्तर का विकल्प बदल देने से वह चयन सूची से बाहर हो गए।
- आयोग ने अनंतिम उत्तरकुंजी में जो उत्तर सही माना था, उसे अंतिम उत्तरकुंजी में बदला
- शिक्षा सेवा चयन आयोग को प्रत्यावेदन देकर अभ्यर्थियों ने की परिणाम संशोधित की मांग

