मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की 2.91 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों और सहायिकाओं को मंगलवार को बड़ी सौगात दी। आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों का मानदेय आठ से बढ़ाकर 12 हजार रुपये और सहायिकाओं का चार से छह हजार रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की। कार्यकर्त्रियों, सहायिकाओं तथा उनके परिवारों को हर वर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा भी मिलेगी। अब उन्हें दो के बजाय तीन साड़ियां मिलेंगी। मुख्यमंत्री ने स्मार्टफोन और रियल टाइम डाटा के इस्तेमाल से आंगनबाड़ी केंद्रों को स्मार्ट बनाने का भी ऐलान किया।
मुख्यमंत्री अयोध्या धाम में आईसीडीएस के तहत कार्यकर्त्रियों एवं सहायिकाओं के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। अयोध्या में करीब 12 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां और सहायिकाएं मौजूद रहीं। सभी 75 जिलों में आयोजित कार्यक्रमों से मंत्री, सांसद, विधायक, कार्यकर्त्रियां व सहायिकाएं जुड़ीं। बुधवार से शुरू हो रहे पोषण माह से पहले मुख्यमंत्री ने कार्यकर्त्रियों व सहायिकाओं को मानदेय वृद्धि, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, अतिरिक्त साड़ी और स्मार्टफोन की चार प्रमुख सौगातें दीं। अपने संबोधन से पहले मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन किया। महिलाओं को पुष्टाहार भेंट किया तथा कई बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया।
सेवा की मिसाल बनीं कार्यकर्त्रियां : मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के समय आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को महज 3000 रुपये मानदेय मिलता था। सरकार ने इसे परफॉर्मेंस आधारित व्यवस्था से जोड़ते हुए आठ हजार रुपये किया। अब बढ़ा कर 12 हजार रुपये किया जाएगा। सहायिकाओं का मानदेय भी 1,500 रुपये से बढ़ाकर पहले चार हजार और अब छह हजार रुपये किया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों और सहायिकाओं ने कोरोना जैसी सदी की सबसे बड़ी महामारी के दौरान एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले चरण में 1.28 लाख स्मार्टफोन भी उपलब्ध कराए गए हैं। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को अपना भवन उपलब्ध कराना है। इसके लिए राज्य वित्त आयोग की धनराशि या अलग बजट से भवनों का निर्माण कराया जाएगा।
साड़ी के लिए 500 रुपये धनराशि जारी की गई
पांच लाख रुपये का कैशलेस इलाज भी
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर थे। बच्चे बैठने के लिए टाट लेकर आते थे। पेयजल और जरूरी उपकरणों का अभाव था। केंद्र सरकार पैसा देती थी, लेकिन प्रदेश में बच्चों का पोषाहार एक शराब माफिया संचालित करता था।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2.91 लाख कार्यकर्त्रियों व सहायिकाओं के लिए साड़ी की धनराशि जारी कर दी गई है। एक अतिरिक्त साड़ी के लिए 500 रुपये और दिए जाएंगे। इस पर प्रदेश सरकार करीब 20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार वहन करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी कार्यकर्त्रियों और सहायिकाओं के साथ उनके परिवार को हर वर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। इसका लाभ इम्पैनल्ड अस्पतालों, सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में लिया जा सकेगा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों व सहायिकाओं का बढ़ा मानदेय सितंबर से ही जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया। अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी की ओर से जारी आदेश के अनुसार, मानदेय में यह वृद्धि सितंबर से ही प्रभावी होगी। यानी अक्तूबर में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों व सहायिकाओं को बढ़ा हुआ मानदेय मिलेगा।

