26 September 2026

बीईओ कार्यालयों से संबद्ध, कई के पास 3 से 5 ब्लॉकों का प्रभार; गैर जनपद से आए चार बीईओ ब्लॉक आवंटन के इंतजार में

 

हरदोई में बीईओ कार्यालयों से संबद्ध, कई के पास 3 से 5 ब्लॉकों का प्रभार; गैर जनपद से आए चार बीईओ ब्लॉक आवंटन के इंतजार में

हरदोई। बेसिक शिक्षा विभाग में अधिकारियों की कमी का असर अब खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) की कार्यप्रणाली पर भी दिखाई दे रहा है। जिले में कई बीईओ को एक साथ तीन से पांच ब्लॉकों का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जबकि गैर जनपद से स्थानांतरित होकर आए चार बीईओ अभी भी ब्लॉक आवंटन का इंतजार कर रहे हैं।

समाचार पत्र में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, हरदोई जिले में 19 ब्लॉक और एक नगर क्षेत्र में खंड शिक्षा अधिकारियों की तैनाती का प्रावधान है। वर्तमान में जिले में 12 खंड शिक्षा अधिकारी ही तैनात हैं। इनमें से चार बीईओ गैर जनपद से स्थानांतरित होकर आए हैं।

तीन बीईओ कार्यालय से संबद्ध

रिपोर्ट के मुताबिक जिले में तैनात 12 खंड शिक्षा अधिकारियों में से तीन बीईओ को बीएसए कार्यालय से संबद्ध रखा गया है। वहीं, कई अधिकारियों को एक से अधिक ब्लॉकों का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

स्थिति के अनुसार, कुछ अधिकारियों के पास तीन, चार और पांच ब्लॉकों तक का प्रभार है। इसके कारण संबंधित अधिकारियों पर प्रशासनिक एवं विभागीय कार्यों का अतिरिक्त बोझ बना हुआ है।

चार बीईओ को अभी ब्लॉक मिलने का इंतजार

गैर जनपद से स्थानांतरित होकर हरदोई आए चार बीईओ भी अभी अपने नियमित ब्लॉक आवंटन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। रिपोर्ट में इनके नाम और वर्तमान संबद्धता का उल्लेख किया गया है।

वर्तमान व्यवस्था में बीईओ डीपीएल राणा के पास नगर क्षेत्र, मुख्यालय, सुरसा, बावन, संडीला और कछौना का प्रभार बताया गया है। वहीं बीईओ सुनील कुमार सिंह के पास सांडी, भरखनी और हरपालपुर का प्रभार है।

इसी तरह बीईओ प्रियंका सिंह पिहानी के पास टड़ियावां और केके त्रिपाठी के पास कोथावां, भरावन, संतोष सिंह के पास बिलग्राम, माधोगंज, राजेश राम बैंधर के पास मल्लावां, अनिल झा हरियावां के पास टड़ियावां, रतन लाल शाहाबाद और अनुज कुमार के पास अहिरोरी का प्रभार बताया गया है।


नियमित मॉनिटरिंग पर भी असर

रिपोर्ट के अनुसार, एक खंड शिक्षा अधिकारी के पास कई ब्लॉकों की जिम्मेदारी होने से विभागीय कार्यों के साथ-साथ विद्यालयों की नियमित मॉनिटरिंग प्रभावित होने की बात सामने आई है।

वहीं, गैर जनपद से आए बीईओ को अभी ब्लॉक आवंटित नहीं होने के कारण विभागीय स्तर पर उपलब्ध मानव संसाधन का पूरी तरह उपयोग नहीं हो पा रहा है।

विभागीय स्तर पर अब अतिरिक्त प्रभार के बोझ को कम करने और गैर जनपद से आए बीईओ को ब्लॉक आवंटित किए जाने की दिशा में निर्णय का इंतजार है।