शाहजहांपुर: प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवन को ढहाने के क्रम में बीम गिरने से शिक्षामित्र सुखपाल की मौत हो गई। ध्वस्तीकरण का ठेका सुखपाल ने ही लिया था। मंगलवार को ध्वस्तीकरण देखने के लिए वह जैसे ही आगे बढ़े, एक बीम उनके ऊपर आ गिरा। सीने, सिर व पेट में गहरी चोट लगने से उनकी मौत हो गई। वहां सुरक्षात्मक इंतजाम नहीं थे। मजदूर हेलमेट नहीं लगाए थे। लोगों की आवाजाही भी प्रतिबंधित नहीं की गई थी।
कुबेर गोटिया स्थित प्राथमिक स्कूल का भवन पिछले वर्ष जर्जर घोषित कर दिया गया था। छात्र-छात्राओं को दूसरे स्कूल में शिफ्ट कर जर्जर भवन के ध्वस्तीकरण की नीलामी हुई। ग्रामीणों के अनुसार मध्यावकाश के दौरान सुखपाल जर्जर भवन का ध्वस्तीकरण देखने पहुंचे। उन्होंने गेट पर बैठी रसोइया से हटने को कहा। इसके बाद खुद अंदर पहुंचे। वह नीचे खड़े होकर लेंटर का हिस्सा गिरा रहे मजदूरों से बात कर रहे थे। उसी दौरान लोहे व सीमेंट से निर्मित बीम उन पर गिर गया। मजदूरों से तुरंत उन्हें मलबे से बाहर निकाला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत गंभीर देखकर चिकित्सकों ने रेफर कर दिया। बरेली में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। भाई सत्यवीर ने बताया कि सुखपाल पांच वर्ष पहले शिक्षामित्र नियुक्त हुए थे।
मुख्य बिंदु:
- शाहजहांपुर में मलबा गिरने की आशंका में रसोइया को हटाकर खुद अंदर पहुंचे
- शिक्षामित्र ने ही लिया था जर्जर भवन गिरवाने का ठेका, कार्य प्रगति देख रहे थे

