25 September 2026

शिक्षामित्रों को विशेष TET में अवसर पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

 


प्रयागराज। परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों को विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (Special TET) में आवेदन का अवसर दिए जाने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुरक्षित कर लिया। न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश दिया।



सुनवाई के दौरान वसीम अहमद एवं 220 अन्य की याचिका पर अधिवक्ता जैन अब्बास ने शिक्षामित्रों की ओर से पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में शिक्षामित्र लंबे समय से शिक्षण कार्य कर रहे हैं। बड़ी संख्या में शिक्षामित्र करीब 26 वर्षों से शिक्षक जैसे कार्यों के साथ निर्वाचन ड्यूटी, चुनाव ड्यूटी, एसआईआर, जनगणना, मतगणना सहित विभिन्न जिम्मेदारियां निभाते आ रहे हैं।


याचिका में यह भी तर्क दिया गया कि शिक्षामित्रों को विभिन्न परीक्षाओं में कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी, गुणवत्ता संवर्धन से जुड़े कार्यों और विभागीय प्रशिक्षण में भी शिक्षकों के समान अनुभव प्राप्त होता है।


विशेष TET में अवसर देने की मांग


शिक्षामित्रों की ओर से अदालत में कहा गया कि इसके बावजूद विशेष TET में आवेदन का अवसर नहीं दिया जा रहा है, जबकि अन्य श्रेणियों में कार्यरत शिक्षकों और विशेष शिक्षकों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया गया है।


याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद भविष्य में शिक्षण कार्य जारी रखने के लिए TET की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में लंबे समय से परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों को विशेष TET में शामिल होने का अवसर दिया जाना चाहिए।


अब कोर्ट के फैसले का इंतजार


मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया है। अब शिक्षामित्रों की नजर अदालत के अंतिम फैसले पर है। निर्णय आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि विशेष TET में आवेदन का अवसर शिक्षामित्रों को मिलेगा या नहीं।


नोट: ऊपर की खबर उपलब्ध समाचार-कटिंग में दी गई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है।