लखनऊ, प्राइमरी स्कूल परिसर में बच्चों के लिए खतरा बने करीब 100 पुराने जर्जर भवन अब ध्वस्त किए जाएंगे। ‘हिन्दुस्तान’ ने अगस्त में जिले के जर्जर स्कूल भवनों को लेकर अभियान चलाया था। डीएम विशाख जी ने जर्जर भवनों का संज्ञान लेकर ने जर्जर भवनों की जांच के लिए तीन विभागों के अधिकारियों की कमेटी गठित की थी। कमेटी ने मौके पर जाकर सत्यापन के बाद करीब 100 भवनों को जर्जर घोषित किया है।
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समिति में शामिल अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण, क्षेत्रीय बीईओ और स्कूल प्रधानाचार्य ने रिपोर्ट दे दी है। बीएसए ने ध्वस्तीकरण के लिये टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लखनऊ में 1618 प्राइमरी व अपर प्राइमरी स्कूल में करीब 1.53 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें से 100 से अधिक स्कूलों के परिसर में पुराने जर्जर भवन खड़े हैं। इनमें कई स्कूल के पुराने खण्डहर भवनों का 10 साल से अधिक समय से कोई उपयोग नहीं किया जा रहा है। ये भवन बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा को खतरा बने हुए हैं। बीएसए विपन कुमार ने बताया कि हाल में कराए गए सत्यापन में जर्जर भवन चिह्नित किये गए हैं। इनके ध्वस्तीकरण के लिए जेम पोर्टल पर टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है।
टेंडर पूरा होने के बाद चिह्नित भवनों को गिराया जाएगा।

