ग्राम पंचायत और विधानसभा मतदाता सूची में अंतर पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
लखनऊ। ग्राम पंचायत और विधानसभा की मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या में अंतर को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने केंद्र और राज्य निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई नवंबर में होगी।
समाचार के अनुसार, याचिका में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत और विधानसभा की मतदाता सूची में बड़ी संख्या में मतदाताओं का अंतर है। इस मामले में केंद्र और राज्य निर्वाचन आयोग समेत संबंधित पक्षों को अपना पक्ष स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
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पंचायत और विधानसभा सूची में 468 मतदाताओं का अंतर
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजू शुक्ला की खंडपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने मतदाता सूचियों में अंतर से जुड़े मामले पर जवाब मांगा।
याचिका में खास तौर पर बताया गया कि एक ही विधानसभा क्षेत्र में ग्राम पंचायत की मतदाता सूची और विधानसभा मतदाता सूची में 468 मतदाताओं का अंतर पाया गया है।
हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
अदालत ने मामले में संबंधित निर्वाचन प्राधिकरणों से जवाब तलब किया है। अब अगली सुनवाई में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि दोनों मतदाता सूचियों में यह अंतर किन कारणों से सामने आया और इसके पीछे प्रशासनिक अथवा तकनीकी वजह क्या है।
मतदाता सूची में अंतर का मामला सामने आने के बाद चुनावी प्रक्रिया और मतदाता डेटा की शुद्धता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

