निलंबित प्रधानाध्यापक के समर्थन में उतरे ग्रामीण, बोले—शिक्षक को उसी विद्यालय में रखा जाए
इटावा: बच्चे के सिर पर तबले की तरह थाप देने के वीडियो को लेकर निलंबित प्रधानाध्यापक के समर्थन में ग्रामीण लामबंद हो गए हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शिक्षक का निलंबन रद्द करने और उन्हें उसी विद्यालय में बनाए रखने की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
दैनिक जागरण में 13 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित खबर के अनुसार, सैफई विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय बिरौली के प्रभारी प्रधानाध्यापक दिनेश कुमार माथुर का एक वीडियो 9 अक्टूबर को सामने आया था। वीडियो में वह एक बच्चे के सिर पर तबले की तरह थाप देते हुए दिखाई दिए थे। वीडियो में अन्य बच्चे भी मौजूद थे। यह वीडियो शिक्षक के इंटरनेट मीडिया अकाउंट पर भी पोस्ट किया गया था।
वीडियो सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। साथ ही मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई थी।
शिक्षक के समर्थन में आगे आए ग्रामीण
शिक्षक के निलंबन के बाद सोमवार को ग्राम प्रधान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके समर्थन में उतर आए। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निलंबन समाप्त करने और शिक्षक को उसी विद्यालय में बनाए रखने की मांग की।
ग्रामीणों ने शिक्षक के शैक्षिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि वह बच्चों को नियमित पढ़ाई कराने के साथ-साथ नवोदय विद्यालय और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराते थे।
बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की जताई आशंका
ज्ञापन देने पहुंचे ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षक के विद्यालय से हटने पर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। उनके अनुसार, शिक्षक सामान्य पढ़ाई के अतिरिक्त विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार करते थे, जिससे बच्चों को लाभ मिलता था।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले पर पुनर्विचार करने और शिक्षक को उसी विद्यालय में बनाए रखने की मांग की है।
नोट: यह समाचार दैनिक जागरण, कानपुर संस्करण में 13 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित खबर पर आधारित है। शिक्षक के निलंबन को रद्द करने की मांग ग्रामीणों की ओर से की गई है; उपलब्ध खबर में निलंबन रद्द होने की पुष्टि नहीं है।
