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26 October 2026

FD कराने वालों के लिए अच्छी खबर! इस बैंक ने बढ़ाई ब्याज दरें, जानिए क्या होगी नई ब्याज दर


 

बैंक में Fixed Deposit (FD) कराने की योजना बना रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। सरकारी क्षेत्र के इंडियन बैंक (Indian Bank) ने अपनी दो स्पेशल FD स्कीमों की ब्याज दरों में 0.15 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी की है। नई दरें 23 अक्टूबर 2026 से लागू हो गई हैं। इस बदलाव के बाद 555 दिन की Ind Grow FD और 777 दिन की Ind Prosper FD में निवेश करने वाले ग्राहकों को पहले के मुकाबले अधिक ब्याज मिलेगा।

खास बात यह है कि इन योजनाओं में वरिष्ठ नागरिकों और सुपर सीनियर नागरिकों को सामान्य ग्राहकों से अधिक ब्याज मिल सकता है। सुपर सीनियर नागरिकों के लिए ब्याज दर 7.55% सालाना तक पहुंच गई है। आइए जानते हैं इंडियन बैंक की नई FD दरें, ₹1 लाख के निवेश पर मिलने वाला अनुमानित ब्याज और FD कराने से पहले ध्यान रखने वाली जरूरी बातें।


इंडियन बैंक की नई FD ब्याज दरें 2026

इंडियन बैंक ने फिलहाल दो विशेष अवधि वाली Fixed Deposit योजनाओं की ब्याज दरों में बदलाव किया है। नई दरों के अनुसार 555 दिन और 777 दिन की FD पर अब पहले से ज्यादा ब्याज मिलेगा।

FD स्कीमपुरानी ब्याज दरनई ब्याज दरबढ़ोतरी
555 दिन की Ind Grow FD6.65%6.80%0.15%
777 दिन की Ind Prosper FD6.60%6.75%0.15%

यहां दी गई सामान्य ग्राहकों की ब्याज दरें हैं। अन्य अवधि की FD पर लागू दरें अलग हो सकती हैं। निवेश करने से पहले बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या शाखा से नवीनतम दरों की पुष्टि जरूर करें।

वरिष्ठ नागरिकों को FD पर कितना ब्याज मिलेगा?

इंडियन बैंक की इन स्पेशल FD योजनाओं में वरिष्ठ नागरिकों और सुपर सीनियर नागरिकों को अतिरिक्त ब्याज का लाभ मिल सकता है। दी गई दरों के अनुसार ग्राहकों की अलग-अलग श्रेणियों को निम्नलिखित ब्याज मिलेगा।

ग्राहक की श्रेणी555 दिन की Ind Grow FD777 दिन की Ind Prosper FD
सामान्य ग्राहक6.80%6.75%
वरिष्ठ नागरिक7.30%7.25%
सुपर सीनियर नागरिक7.55%7.50%

वरिष्ठ नागरिकों के लिए सामान्य दर से 0.50 प्रतिशत अंक और सुपर सीनियर नागरिकों के लिए 0.75 प्रतिशत अंक अतिरिक्त ब्याज मानकर ये दरें दी गई हैं। वास्तविक पात्रता और लागू दरें बैंक की शर्तों के अनुसार तय होंगी।

₹1 लाख की FD पर कितना ब्याज मिलेगा?

अगर आप इंडियन बैंक की 555 दिन या 777 दिन वाली FD में ₹1 लाख जमा करने की योजना बना रहे हैं, तो ब्याज का अनुमान लगाने से पहले यह समझना जरूरी है कि FD की वास्तविक कमाई जमा की अवधि, ब्याज भुगतान के विकल्प और बैंक की गणना पद्धति पर निर्भर करती है।

सिर्फ एक साल की दर के आधार पर सामान्य ग्राहकों के लिए अनुमान इस प्रकार है:

FD स्कीमसालाना ब्याज दर₹1 लाख पर एक साल का सांकेतिक ब्याज
555 दिन की Ind Grow FD6.80%₹6,800
777 दिन की Ind Prosper FD6.75%₹6,750

ध्यान दें: ये आंकड़े केवल एक साल की दर के आधार पर गणना किए गए हैं। इन्हें पूरी FD अवधि का ब्याज या मैच्योरिटी राशि न समझें। वास्तविक रिटर्न जानने के लिए बैंक की ब्याज गणना और FD कैलकुलेटर का इस्तेमाल करें।

FD कराने से पहले इन 3 जरूरी बातों का रखें ध्यान

1. समय से पहले FD तोड़ने के नियम

FD में पैसा जमा करने से पहले यह जांच लें कि जरूरत पड़ने पर आप मैच्योरिटी से पहले रकम निकाल सकते हैं या नहीं। कुछ FD योजनाओं में समय से पहले निकासी पर जुर्माना लग सकता है या ब्याज की दोबारा गणना की जा सकती है।

नॉन-कॉलेबल FD में समय से पहले निकासी पर विशेष प्रतिबंध हो सकते हैं। इसलिए अपनी जरूरतों के अनुसार ही जमा अवधि चुनें।

2. FD के ब्याज पर लगेगा इनकम टैक्स

FD से मिलने वाला ब्याज सामान्यतः आपकी लागू इनकम टैक्स व्यवस्था के अनुसार कर योग्य होता है। निर्धारित शर्तें पूरी होने पर बैंक ब्याज पर TDS भी काट सकता है।

TDS की सीमा और टैक्स से जुड़े नियम ग्राहक की श्रेणी तथा संबंधित वित्त वर्ष में लागू प्रावधानों पर निर्भर करते हैं। इसलिए निवेश से पहले बैंक या टैक्स विशेषज्ञ से इसकी जानकारी प्राप्त करें।

3. दूसरी बैंकों की FD दरों से भी करें तुलना

FD कराने से पहले केवल ज्यादा ब्याज दर देखकर फैसला न लें। अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों के साथ जमा अवधि, समय से पहले निकासी की शर्तें और अन्य नियमों की तुलना करें।

सरकारी बैंक, निजी बैंक और स्मॉल फाइनेंस बैंक अलग-अलग अवधि के लिए अलग ब्याज दरें दे सकते हैं। अपनी वित्तीय जरूरतों और जोखिम संबंधी प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर निवेश का निर्णय लें।

क्या RBI की रेपो रेट बढ़ने से FD पर ब्याज बढ़ता है?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की रेपो रेट में बदलाव का असर बैंकों की फंडिंग लागत और ब्याज दरों पर पड़ सकता है। रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI पात्र बैंकों को अल्पकालिक धन उपलब्ध कराता है।

जब रेपो रेट बढ़ती है, तो बैंकों की उधार लेने की लागत बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में बैंक अपनी जरूरतों, बाजार की प्रतिस्पर्धा और जमा राशि की मांग को देखते हुए FD की ब्याज दरों में बदलाव कर सकते हैं।

हालांकि, रेपो रेट में बढ़ोतरी का मतलब यह नहीं है कि सभी बैंक तुरंत FD की दरें बढ़ा देंगे। इसी तरह, हर अवधि की FD पर भी एक जैसा असर नहीं पड़ता। इंडियन बैंक की बताई गई नई दरें 555 दिन और 777 दिन की विशेष FD योजनाओं पर लागू हैं।

इंडियन बैंक FD में निवेश करने से पहले क्या करें?

अगर आप 555 दिन या 777 दिन के लिए पैसा जमा करना चाहते हैं, तो निवेश से पहले निम्नलिखित जानकारियां जरूर जांचें:

  • FD की नवीनतम ब्याज दर और न्यूनतम जमा राशि।

  • सामान्य, वरिष्ठ और सुपर सीनियर नागरिकों के लिए पात्रता।

  • ब्याज भुगतान का विकल्प और मैच्योरिटी की गणना।

  • समय से पहले निकासी और लागू जुर्माने के नियम।

  • FD के ब्याज पर टैक्स और TDS से संबंधित प्रावधान।

इन सभी जानकारियों की पुष्टि इंडियन बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी शाखा से करें।

 इंडियन बैंक की 555 दिन की Ind Grow FD और 777 दिन की Ind Prosper FD की ब्याज दरों में 0.15 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी से निश्चित अवधि के लिए निवेश करने वाले ग्राहकों को अधिक ब्याज का अवसर मिल सकता है। दी गई दरों के अनुसार सामान्य ग्राहकों को 6.75% से 6.80% तक, वरिष्ठ नागरिकों को 7.25% से 7.30% तक और सुपर सीनियर नागरिकों को 7.50% से 7.55% तक ब्याज मिल सकता है।

हालांकि, FD चुनने से पहले अपनी पैसों की जरूरत, निवेश की अवधि, टैक्स और समय से पहले निकासी की शर्तों को समझना जरूरी है। केवल ज्यादा ब्याज दर के आधार पर निवेश का फैसला न करें।