गांव की नालियों का पानी परिषदीय विद्यालय परिसर में भरने से फैली दुर्गंध

 

गांव की नालियों का पानी विद्यालय परिसर में भरने से फैली दुर्गंध 
अमृतपुर गांव का गंदा पानी मैदान में व बाहर भरने से विद्यालय का मुख्य गेट ही बंद हो गया है। इससे शिक्षकों ने विद्यालय के पीछे की दीवार को काटकर खिड़की लगा ली है। उसीसे बच्चे व शिक्षक आते-जाते हैं। कीचड़ से दुर्गंध उठने से वहां बैठना मुश्किल हो रहा है। शिकायत के बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।


विकास खंड राजेपुर के प्राथमिक विद्यालय जमापुर के मुख्य गेट के सामने सड़क पर खड़ंजा बिछा था। बच्चे व शिक्षक उसी से विद्यालय में आते-जाते थे। सितंबर में बाढ़ आने पर गंगा पानी विद्यालय में भर गया था। बाद में पानी निकल गया लेकिन सड़क व नालियों में भरी सिल्ट को साफ नहीं कराया गया। इससे गांव के घरों का पानी विद्यालय में आने से गेट के पास कीचड़ भरा रहता है। परेशान शिक्षकों ने मुख्य गेट को बंद कर विद्यालय के एक कमरे में पीछे की दीवार को काट कर खिड़की लगा ली है। उसी से शिक्षक व बच्चे आते-जाते हैं। गेट के पास हैंडपंप लगा होने से बच्चे पानी के लिए जाते हैं तो वह गिर जाते हैं।
इंचार्ज प्रधानाध्यापिका सुषमा पाठक ने बताया कि पानी भरा होने से मैदान में घास खड़ी है। कीचड़ से दुर्गंध आने से बैठना मुश्किल है  समस्या की जानकारी बीडीओ, बीईओ, ग्राम प्रधान, सचिव को कई बार दे चुके हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है।
शिक्षक नितिन कुमार वर्मा का कहना है कि बाढ़ का पानी तो निकल गया है। लेकिन गांव की नालियों का पानी स्कूल में भर रहा है। इससे मच्छरों का प्रकोप है रसोइया विमला देवी ने बताया कि मैदान में कीचड़ भरा होने से एमडीएम बनाने में परेशानी होती है। एमडीएम के लिए पानी घरों से लाना पड़ता है। स्कूल में हैंडपंप लगा है। पानी भरे होने से हैंडपंप तक नहीं पहुंच पाती हैं।

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