50 शिक्षकों का अनुमोदन निरस्त किया


कॉलेजों के 50 शिक्षकों का अनुमोदन निरस्त किया● सर्वाधिक प्रयागराज के 23 शिक्षक हैं शामिल

● रजिस्ट्रार एसके शुक्ल की तरफ से नोटिफिकेशन जारी

प्रयागराज, संवाददाता। प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भय्या) राज्य विश्वविद्यालय ने मंडल के चारों जनपदों (प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़) के संबद्ध कॉलेजों के 50 शिक्षकों का अनुमोदन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। यह शिक्षक वित्तविहीन कॉलेज के हैं। इसमें प्रयागराज से सर्वाधिक 23, कौशांबी से पांच, फतेहपुर से 10 और प्रतापगढ़ से 12 कॉलेजों के विभिन्न विभागों में कार्यरत शिक्षकों का अनुमोदन निरस्त किया गया है। रजिस्ट्रार एसके शुक्ल ने इस आशय का नोटिफिकेशन जारी किया है।

कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने शिक्षकों की तरफ से अनुमोदन निरस्त कराने के हलफनामा का परीक्षण करने के बाद यह निर्णय लिया है। विदित हो कि अब तक राज्य विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में प्रबंध तंत्र मनमाने तरीके से शिक्षकों को बाहर का रास्ता दिखा देते थे। हाल ही में यह निर्णय लिया गया कि अब कॉलेज खुद से शिक्षकों को नहीं हटा सकेंगे। साथ ही शिक्षक भी अपनी मर्जी से कॉलेज नहीं छोड़ सकेंगे। इसके लिए उन्हें हलफनामा देना होगा। फिर कुलपति के अनुमोदन के बाद ही इन शिक्षकों का अनुमोदन निरस्त होगा। इस क्रम में मंडल के विभिन्न कॉलेजों से तमाम शिक्षकों ने विश्वविद्यालय को हलफनामा दिया। प्रत्यावेदनों के परीक्षण के बाद कुलपति ने 50 शिक्षकों का अनुमोदन निरस्त कर दिया। कॉलेजों को निर्देश दिया कि इन शिक्षकों के नाम का प्रयोग अब बंद कर दें।

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