ठगी का नया तरीका: बिजली कटने और भुगतान का मैसेज आए तो हो जाएं सावधान, कई उपभोक्ताओं के पास आ रहीं फर्जी कॉल

 Kanpur News: बिल अपडेट और जमा न होने का हवाला देकर ठगों ने उपभोक्ताओं से ठगी का नया तरीका निकाला है। कई उपभोक्ताओं के पास फर्जी कॉल आ रही हैं।



अगर आपके पास बिजली का बिल अपडेट करने या बकाया राशि जमा न होने को लेकर कोई कॉल आए तो सावधान हो जाएं। कॉल करने वाला आपके घर की बिजली काटने की बात कहकर तुरंत बिल जमा कराने को कहेगा। हो सकता है वह आपको कोई लिंक भेजे या फिर क्यूआर कोड स्कैन करने को कहे तो उसकी बातों में बिलकुल मत आएं। यह साइबर ठगी हो सकती है। इस तरह की कई शिकायतें केस्को अधिकारियों के पास आई हैं। हालांकि अब तक किसी भी उपभोक्ता के खाते से रकम निकलने की जानकारी नहीं हुई है। लेकिन अधिकारियों ने लोगों को सतर्क किया है.



केस्को के ऑनलाइन बिलिंग सिस्टम के अपग्रेड की वजह से शहर में करीब साढ़े सात लाख उपभोक्ताओं के अकाउंट नंबर बदल गए हैं। कुछ के बिल बनने में दिक्कतें आईं, जबकि स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को बैलेंस दिखना बंद हो गया है। उपभोक्ताओं ने शिकायतें की।



कई उपभोक्ताओं ने पुराने अकाउंट नंबर को एक्स पर लिखकर नया अकाउंट नंबर कैसे देखा जाए, सर्च किया। यूपीपीसीएल और केस्को की वेबसाइट कई बार देखी गई। अंदेशा है कि साइबर अपराधियों ने किसी माध्यम से उपभोक्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी हासिल की और उसी का सहारा लेकर सेंधमारी के प्रयास शुरू कर दिए। वे लोगों को मैसेज भेजकर ठगी का प्रयास कर रहे हैं।





केस एक : गोविंदनगर के इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी के मोबाइल पर कुछ दिन पहले कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को बिजली विभाग का स्टाफ बताया। कहा कि आपका बिल अपडेट नहीं हुआ है। आपके पास एक मैसेज आएगा, जिसमें हेल्पलाइन नंबर रहेगा। उस पर डिटेल भरकर अपडेट कर लें। कारोबारी ने तुरंत केस्को अधिकारियों को जानकारी दी।




केस दो : कल्याणपुर निवासी प्राइवेट कॉलेज के शिक्षक के वाट्स एप नंबर पर बिजली संबंधी कुछ निर्देश आए। उसमें बिल और अकाउंट नंबर से जुड़ी कुछ जानकारियां लिखी हुई थीं। शिक्षक ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, जिस पर अगले दिन बिजली काटने का मैसेज आया। उन्होंने संदेह होने पर केस्को के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया।




क्या करें, क्या न करें


- अनजान कॉल आने पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।


- संदेह वाले मैसेज के साथ जुड़े लिंक को न खोलें।


- वॉट्स पर आए क्यूआर कोड को स्कैन न करें।


- बिल भुगतान कैश काउंटर या केस्को के अधिकृत ऑनलाइन तरीके से ही करें।


- बिल कम करने की कॉल आने पर इसकी तुरंत सूचना केस्को अधिकारियों को दें।


- बिजली अधिकारी बनकर कोई धमकाए तो पुलिस और केस्को को सूचित करें।


केस्को किसी तरह से बिजली काटने या बिल जमा करने के मैसेज नहीं भेज रहा है। यह साइबर अपराधी की चाल हो सकती है। उपभोक्ता सतर्क रहें। इस तरह की शिकायतें आ रही हैं। - राकेश वार्ष्णेय, निदेशक केस्को