असिस्टेंट प्रोफेसर के 1017 पदों पर परीक्षा जल्द: टीजीटी-पीजीटी के 4163 पदों पर जल्द शुरू होगा चयन, लोक सेवा आयोग की तर्ज पर काम करेगा नया आयोग

 


प्रयागराज   नवगठित उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा आयोग की पहली बैठक बुधवार को कार्यवाहक अध्यक्ष और प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा एमपी अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में आयोग का कामकाम सुचारु करने के साथ ही जून तक सभी औपचारिकताएं पूरी करते हुए जल्द से जल्द चयन प्रक्रिया शुरू करने पर चर्चा हुई। सबसे पहले अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 1017 पदों पर चयन के लिए लिखित परीक्षा कराने की तैयारी है। उसके बाद एडेड कॉलेजों में प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी)/प्रवक्ता (पीजीटी) के 4163 पदों पर भर्ती के लिए भी परीक्षा कराई जाएगी। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की तर्ज पर नए आयोग को संचालित करने पर सैद्धांतिक सहमति बनी है।



कार्यवाहक अध्यक्ष ने कार्य संचालन नियमावली, मुकदमों की पैरवी के लिए वकीलों के चयन, आधारभूत ढांचा, दस्तावेजों के हस्तांतरण समेत कुल नौ कमेटी का गठन किया है। एक कमेटी को जिम्मेदारी दी है कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग जाकर परीक्षा कराने से लेकर अनुभाग के कार्यों एवं पूरी कार्यप्रणाली समझकर रिपोर्ट दे। सभी कमेटी से 15 दिन में अपनी संस्तुति देने के निर्देश दिए हैं ताकि शासन से मंजूरी लेते हुए आयोग का कामकाज चुनाव खत्म होने के तुरंत बाद तेजी से शुरू किया जा सके।


नए आयोग वेबसाइट बनाने, आहरण-वितरण डीडीओ कोड आवंटित करवाने, पटल की स्थापना करने, कामकाज के लिए आवश्यक स्टाफ, पदसृजन, पुरानी फाइलों और अभिलेखों को वीड आउट (निस्तारण) आदि विषयों पर चर्चा हुई। सुबह 11 बजे शुरू हुई बैठक दोपहर दो बजे तक चली। उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की सचिव रत्नप्रिया ने कार्यवाहक अध्यक्ष एमपी अग्रवाल और कार्यवाहक सचिव गिरिजेश त्यागी का बुके देकर स्वागत किया। संचालन उच्चतर के उपसचिव डॉ. शिवजी मालवीय ने किया। बैठक में सदस्य राम सुचित, योगेन्द्र नाथ सिंह, राजेन्द्र प्रताप सिंह, विमल कुमार विश्वकर्मा, कीर्ति गौतम, डॉ. विनोद कुमार सिंह, प्रो. राज नारायण शुक्ला, डॉ. सीमा शाक्या, डॉ. हरेन्द्र कुमार राय, डॉ. राधाकृष्ण, डॉ. रोहिताश सिंह और डॉ. केसी वर्मा के अलावा चयन बोर्ड के उपसचिव नवल किशोर, वित्त अधिकारी मधुलिका सिंह आदि उपस्थित रहीं