अफसर बोले-करें समर कैंप की तैयारी, शिक्षक बोले-हम तैयार नहीं

अमरोहा , माध्यमिक के बाद अब बेसिक स्कूलों में भी समर कैंप का आयोजन किया जाने की तैयारी जिम्मेदार अफसरों के स्तर पर की जा रही है। शिक्षकों ने आदेश पर विरोध जताते हुए ऐसे किसी भी आयोजन को भीषण गर्मी के बीच अव्यवहारिक करार दिया है। ऐसे में कैंप का आयोजन कराना शिक्षाधिकारियों के लिए भी किसी चुनौती से कम नहीं रहेगा।



पर्यावरण दिवस पर पांच से 11 जून तक परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में समर कैंप आयोजित किए जाने का आदेश विभागीय स्तर से जारी किया गया है। इस दौरान पर्यावरण जागरूकता, जल संरक्षण एवं स्वच्छता आदि विषयों पर छात्र-छात्राओं संग अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा। छात्रों को पर्यावरण अनुकूल गतिविधियों में सक्षम बनाने के लिए ईको क्लब का गठन भी किया जाएगा। वहीं एक ओर जहां शिक्षाधिकारी आयोजन की सफलता की तैयारी में जुटे हैं तो वहीं शिक्षकों ने इससे हाथ खड़े कर दिए हैं। भीषण गर्मी के बीच बेसिक स्कूलों में समर कैंप के आयोजन को अव्यवहारिक बताया है। 


जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिला महामंत्री राजदीप सिंह का कहना है कि मौजूदा वक्त में तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच गया है। स्कूलों में शासनादेश मुताबिक ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहा है। ऐसे में सुविधाओं के अभाव के बीच स्कूलों में समर कैंप के आयोजन का आदेश पूरी तरह अव्यवहारिक है। 


प्राथमिक शिक्षक संघ के महामंत्री मुकेश चौधरी का कहना है कि गर्मी की छुट्टियों में समर कैंप आयोजन के आदेश का संगठन विरोध करता है। समर कैंप का आयोजन पब्लिक स्कूलों के लिए अच्छा है क्योंकि वहां सभी जरूरी सुविधाएं भी हैं। बेसिक स्कूलों में सुविधाओं के अभाव के बीच ऐसे आयोजन संभव नहीं हैं। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विकास चौहान का कहना है कि बेसिक स्कूलों में भीषण गर्मी के बीच समर कैंप आयोजन का आदेश अव्यवहारिक है। 


खुद मौसम विभाग ने जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलने की हिदायत जारी की है बावजूद इसके छोटे बच्चों को अवकाश के दौरान भी समर कैंप के नाम पर स्कूल बुलाना गलत है। संगठन इस अव्यवहारिक आदेश का हर स्तर पर विरोध करेगा। वहीं बीएसए डॉ. मोनिका का कहना है कि पर्यावरण दिवस पर पांच से 11 जून तक बेसिक स्कूलों में समर कैंप आयोजित किए जाएंगे। इस बाबत शिक्षा महानिदेशक का पत्र भी प्राप्त हो चुका है, जो कि अच्छी पहल है। आदेश का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। शिक्षकों को भी इसमें अपेक्षित सहयोग करना चाहिए।