लखनऊ: प्रदेश के सभी परिषदीय और कस्तूरबा - गांधी बालिका विद्यालयों में चार से 11 दिसंबर तक 'भारतीय भाषा उत्सव-2025' मनाया जाएगा। उत्सव की थीम अनेक भाषा-एक भाव रखी गई है। इसका उद्देश्य - बच्चों में भारतीय भाषाओं के - प्रति सम्मान बढ़ाना और देश की = सांस्कृतिक विविधता को एक सूत्र में पिरोना है। शिक्षा मंत्रालय के निर्देश पर यह कार्यक्रम महान तमिल कवि सुब्रमण्यम भारती की जयंती के - अवसर पर शुरू होगा और लगातार सात दिन चलेगा। हर दिन स्कूलों में भाषा और संस्कृति से जुड़ी अलग अलग गतिविधियां कराई जाएंगी।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने भी इस संदर्भ में जिलों को दिशा निर्देश जारी कर - दिए हैं। चार दिसंबर को उत्सव की शुरुआत 'भाषा वृक्ष' और 'भाषायी विरासत दीवार' बनाने से होगी। पांच दिसंबर को बच्चे अलग-अलग भारतीय भाषाओं की कविताएं, गीत और पंक्तियां प्रस्तुत करेंगे। छह
दिसंबर को छात्र त्योहारों, रीति-रिवाजों और भाषाई विविधता पर आधारित पाडकास्ट तैयार करेंगे। आठ दिसंबर को कहावतों और लोकोक्तियों के माध्यम से एकता का संदेश दिया जाएगा और भाषा मित्र कार्यक्रम होगा। नौ दिसंबर को बच्चे विभिन्न भाषाओं में पत्र लेखन करेंगे और मिलकर बहुभाषी कहानी बनाएंगे। 10 दिसंबर को भाषा क्लब की गतिविधियां होंगी, जिसमें विद्यार्थी नई भाषाओं को मजेदार तरीके से जानेंगे। 11 दिसंबर को उत्सव का समापन भाषा मेला, नाट्य प्रस्तुति और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ होगा। स्कूल स्तर के साथ-साथ न्याय पंचायत स्तर पर भी भाषा उत्सव यात्राएं, भाषा शिविर, सांस्कृतिक मेले और जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।

