छोटी ईवी को लेकर बजट में हो सकता है बड़ा ऐलान। वित्तीय वर्ष 2026-27 के आम बजट के जरिए केंद्र सरकार का ध्यान देश के आर्थिक विकास को गति देने पर केंद्रित रहेगा। इसके लिए सरकार जहां परियोजनाओं पर होने वाले खर्च में बढ़ोतरी कर सकती है तो वहीं प्रदूषण से निपटने के लिए भी अलग से योजना का ऐलान किया जा सकता है।
इसी कड़ी में सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने का सिलसिला जारी रखेगी। माना जा रहा है कि बजट के जरिए एंट्री लेवल इलेक्ट्रिक कारों के लिए कोई अलग से योजना लाई जा सकती है या फिर मौजूदा पीएम ई-ड्राइव योजना में अतिरिक्त प्रावधान जोड़ा जा सकता है। मौजूदा समय में सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए पीएम ई-ड्राइव योजना संचालित कर रही है लेकिन इस योजना में पैसेंजर व्हीकल श्रेणी में आने वाली इलेक्ट्रिक कारें शामिल नहीं हैं।
योजना के तहत दोपहिया वाहन, ई-रिक्शा, इलेक्ट्रिक एंबुलेंस, बस और इलेक्ट्रिक ट्रक को शामिल किया गया है। 10 हजार 900 करोड़ रुपये की योजना में इलेक्ट्रिक कारें शामिल नहीं है।
ऑटोमोबाइल कंपनियों की तरफ से मांग उठ रही है कि छोटे इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की जरूरत है। खासकर एंट्री लेवल की इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री नहीं बढ़ रही है।
12-14 लाख से अधिक की कीमत की इलेक्ट्रिक कारों को काफी लोग खरीद रहे हैं लेकिन उससे नीचे की कारों की बिक्री को बढ़ाने की जरूरत है।

