20 January 2026

मान्यता न होना मदरसा बंद करने का आधार नहीं

 




लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने बिना मान्यता संचालित मदरसों को लेकर महत्वपूर्ण आदेश दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि सिर्फ मान्यता न होने के आधार पर किसी मदरसे को बंद करने का कोई वैधानिक प्रावधान नहीं है। इसी के साथ न्यायालय ने श्रावस्ती के मदरसा अहले सुन्नत इमाम अहमद रजा पर लगी सील को 24 घंटे में हटाने का आदेश भी दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने उक्त मदरसा प्रबंधन की याचिका पर दिया। याचिका में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, श्रावस्ती के 1 मई 2025 के आदेश को चुनौती दी गयी थी जिसके द्वारा उन्होंने मदरसा को बंद करने का आदेश दिया था।


मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से यह दलील दी गई कि बिना मान्यता के मदरसा चलने से विद्यार्थियों को भविष्य में शैक्षणिक लाभ मिलने में कठिनाई हो सकती है। हालांकि न्यायालय ने कहा कि संबंधित नियमावली में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसके तहत केवल मान्यता के अभाव में मदरसे का संचालन रोका जा सके। न्यायालय ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी का मदरसा बंद करने का आदेश निरस्त कर दिया। हालांकि न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब तक मदरसे को मान्यता प्राप्त नहीं होगी, तब तक वह किसी भी प्रकार की सरकारी अनुदान राशि का दावा नहीं कर सकेगा और न ही मदरसा शिक्षा बोर्ड उसके छात्रों को बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति देने के लिए बाध्य होगा। इसके साथ ही ऐसे मदरसे से प्राप्त योग्यता का उपयोग राज्य सरकार से संबंधित किसी भी लाभ के लिए नहीं किया जा सकेगा।