20 January 2026

एक और शिक्षक भर्ती में विवाद, आरक्षण की अनदेखी पर हाईकोर्ट पहुंचे बेरोजगार

 एडेड जूनियर शिक्षक भर्ती में आरक्षण की अनदेखी पर पीड़ित अभ्यर्थियों ने सोमवार को शिक्षा निदेशालय में अपर शिक्षा निदेशक बेसिक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर नियमानुसार आरक्षण देने की मांग की। कृष्णा कुमार राजभर, जितेन्द्र कुमार शुक्ला, राहुल, पूर्णिमा चौरसिया, विजय सिंह यादव, रोमन कुमार, कृपा शंकर, विपिन कुमार आदि ने चेतावनी दी कि नियमानुसार आरक्षण मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।



हायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में सहायक अध्यापकों के 1262 पदों पर भर्ती में आरक्षण की अनदेखी के खिलाफ अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषयों के 1262 पदों में से 1051 पद (83 फीसदी) अनारक्षित वर्ग के है। 115 पद ओबीसी और 96 एससी वर्ग के लिए आरक्षित हैं। भूतपूर्व सैनिक नागेन्द्र पांडेय और 17 अन्य की ओर से दायर याचिका में 12 जनवरी को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार के अधिवक्ता को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का समय देते हुए 27 जनवरी को अगली सुनवाई की तारीख तय की है। ओबीसी, एससी के साथ ही विशेष आरक्षण वर्ग के अभ्यर्थियों का कहना है कि उनके साथ अन्याय हुआ है।


ईडब्ल्यूएस, एसटी और क्षैतिज आरक्षण (पूर्व सैनिक, दिव्यांग एवं स्वतंत्रता सेनानी आश्रित) का आरक्षण एकदम शून्य घोषित कर दिया गया है। वहीं ओबीसी और अनुसूचित जातियों का आरक्षण एकदम कम दिखाया जा रहा है। अफसरों का तर्क है कि स्कूल को इकाई मानने के कारण कई वर्गों का आरक्षण नहीं मिल पा रहा है वहीं अभ्यर्थियों का कहना है कि अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) और प्रवक्ता (पीजीटी) भर्ती में भी स्कूल को इकाई मानने के बावजूद सभी वर्ग को आरक्षण मिलता है। जब एक ही माध्यमिक शिक्षा विभाग में कक्षा नौ से 12 तक के स्कूलों में आरक्षण नियमों का पालन हो रहा है तो बेसिक शिक्षा विभाग के एडेड जूनियर हाईस्कूलों में आरक्षण की अनदेखी समझ से परे है। 19 सितंबर को जारी संयुक्त सचिव के आदेश में भी वर्तमान व्यवस्था के अनुसार ही आरक्षण देने की बात कही गई थी।