प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को लेकर एक बार फिर अनिश्चितता की स्थिति बन गई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी एक महत्वपूर्ण पत्र में कक्षा 6 से 12 तक पढ़ाने वाले सभी कार्यरत शिक्षकों से संबंधित विस्तृत जानकारी मांगी गई है।
निदेशक द्वारा मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यह जानकारी माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में विचाराधीन एक रिट याचिका के संदर्भ में मांगी गई है। इस याचिका में यह मुद्दा प्रमुख है कि कक्षा 6 से 12 तक अध्यापन कार्य कर रहे कितने शिक्षक UPTET या CTET उत्तीर्ण हैं और कितने नहीं।
पत्र में विद्यालय का नाम, जनपद, कक्षा 6 से 8 तक अध्ययनरत छात्रों की संख्या, संबंधित शिक्षक का नाम, विषय, शैक्षिक योग्यता तथा TET (UPTET/CTET) उत्तीर्ण अथवा अनुत्तीर्ण होने की स्थिति जैसी सूचनाएं निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने यह भी निर्देशित किया है कि समस्त जानकारी हार्ड और सॉफ्ट कॉपी दोनों रूपों में निर्धारित तिथि तक उपलब्ध कराई जाए। यह मामला सीधे न्यायालय से संबंधित होने के कारण इसे अत्यंत गंभीर बताते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
इस पत्र के बाद उन माध्यमिक शिक्षकों में चिंता बढ़ गई है, जो बिना UPTET या CTET उत्तीर्ण किए वर्षों से कक्षा 6 से 12 तक अध्यापन कार्य कर रहे हैं। शिक्षकों को आशंका है कि न्यायालय के निर्णय के बाद उनकी सेवा और पद पर असर पड़ सकता है।
फिलहाल, विभागीय स्तर पर सूचनाओं का संकलन शुरू हो चुका है और सभी की निगाहें अब उच्च न्यायालय के आगामी निर्णय पर टिकी हैं।

