डिजिटल शिक्षा से आत्मनिर्भर बनेंगी छात्राएं, स्कूलों को मिले 20-20 टैबलेट
लखनऊ। छात्राओं को डिजिटल रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश में एक नई पहल शुरू की गई है। समाज कल्याण विभाग और मदद फाउंडेशन के बीच हुए समझौते के तहत छात्राओं के लिए डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे तकनीकी ज्ञान के माध्यम से उनका समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।
समाज कल्याण विभाग और मदद फाउंडेशन के बीच एमओयू
गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान समाज कल्याण विभाग और मदद फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण तथा मदद फाउंडेशन के संस्थापक राजेश मणि उपस्थित रहे।
विद्यालयों को मिले टैबलेट
कार्यक्रम के तहत जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय, गोरखपुर और महाराजगंज जनपदों के प्रधानाचार्यों को कुल 40 टैबलेट प्रदान किए गए। योजना के अंतर्गत प्रत्येक बालिका विद्यालय को 20-20 टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि छात्राएं डिजिटल शिक्षा से सीधे जुड़ सकें।
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरुआत
यह पहल फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई है। इसकी सफलता के आधार पर भविष्य में अन्य विद्यालयों तक भी इस योजना का विस्तार किया जाएगा। टैबलेट का उपयोग पढ़ाई, डिजिटल साक्षरता और तकनीकी कौशल विकसित करने के लिए किया जाएगा।
तकनीक से शिक्षा और आत्मनिर्भरता
राज्य मंत्री असीम अरुण ने कहा कि डिजिटल शिक्षा आज समय की आवश्यकता है। तकनीक के माध्यम से छात्राएं न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करेंगी, बल्कि भविष्य में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी आगे बढ़ेंगी। उन्होंने इस पहल को बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक दूरदर्शी और सराहनीय कदम बताया।

