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03 March 2026

भारत के नवाचार आधारित शिक्षा तंत्र से जुड़ें दुनिया भर के विवि


भारत के नवाचार आधारित शिक्षा तंत्र से जुड़ें दुनिया भर के विवि

नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को विदेशी उच्च शिक्षण संस्थानों से भारत के तेजी से बढ़ते और नवाचार-संचालित शिक्षा तंत्र के साथ सहयोग करने का आह्वान किया है। स्टडी इन इंडिया एडु-डिप्लोमैटिक कॉन्क्लेव 2026 को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अनिश्चितता और तेजी से बदलते विश्व में शिक्षा समाजों के बीच सबसे टिकाऊ सेतु है।



शिक्षा मंत्रालय की ओर से आयोजित इस कॉन्क्लेव में 50 से अधिक देशों के राजदूतों और उच्चायुक्तों ने भाग लिया। इस दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा कि भारत वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में एक


उम्मीद की किरण बना हुआ है, जो सीखने, शोध और नवाचार के असीमित अवसर देता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) और स्टडी इन इंडिया पहल के माध्यम से देश छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए वैश्विक रास्ते खोल रहा है। उन्होंने कहा कि एआई, बायोटेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में भारत एक भरोसेमंद पार्टनर के रूप में उभर रहा है।


नीतिगत सुधार और वैश्विक विस्तार : उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी ने कॉन्क्लेव में बताया कि पिछले छह वर्षों में एनईपी-2020 ने शिक्षा सुधारों को स्पष्ट दिशा दी है। उन्होंने जानकारी दी कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने एक पारदर्शी नियामक ढांचा तैयार किया है, जिससे विदेशी विश्वविद्यालयों के लिए भारत में कैंपस स्थापित करना आसान हो गया है। ऑस्ट्रेलिया, इटली, यूके और अमेरिका के प्रमुख संस्थानों के आवेदनों को एक महीने के भीतर मंजूरी दी गई है। इस पहल का उद्देश्य वैश्विक स्तर के विश्वविद्यालयों को भारत आमंत्रित करना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना है। एजेंसी


युवा संगम के छठे चरण के लिए पंजीकरण शुरू

नई दिल्ली। शिक्षा मंत्रालय ने अपने प्रमुख युवा विनिमय कार्यक्रम युवा संगम के छठे चरण के लिए पंजीकरण प्रक्रिया सोमवार से शुरू कर दी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के युवाओं के बीच आपसी समझ और भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत करना है।


मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 18 से 30 वर्ष की आयु के युवा, जिनमें उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्र, एनएसएस, एनवाईकेएस के स्वयंसेवक और युवा पेशेवर शामिल हैं, आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। पिछले चरण में देशभर से 46,000 से अधिक पंजीकरण प्राप्त हुए थे। अब तक इस कार्यक्रम के माध्यम से 6,000 से अधिक युवा विभिन्न राज्यों का भ्रमण कर चुके हैं।


इस चरण के लिए देशभर में 22 उच्च शिक्षण संस्थानों को नोडल केंद्र बनाया गया है। चयनित प्रतिभागियों को उनके संबंधित राज्यों में 5 से 7 दिनों के शैक्षिक और सांस्कृतिक दौरे पर भेजा जाएगा। अधिकारी के अनुसार यह कार्यक्रम पांच प्रमुख स्तंभों- पर्यटन, परंपरा, प्रगति, परस्पर संपर्क और प्रौद्योगिकी (5-पीएस) पर आधारित है। इसके माध्यम से युवा देश की सांस्कृतिक विरासत, विकास कार्यों और तकनीकी प्रगति से प्रत्यक्ष रूप से रूबरू हो सकेंगे। 

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