लखनऊ, । एडेड विद्यालयों में प्रबन्धन अब शिक्षकों का उत्पीड़न नहीं कर सकेंगे। इंटरमीडिएट एक्ट की उप धारा-3 क ही उनका सुरक्षा कवच बनकर उनकी सेवा को महफूज रखेगा। शासन ने उक्त धारा का स्मरण दिलाते हुए शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनियमों में सेवा सुरक्षा का अलग से प्रावधान करने की मांग को औचित्यहीन करार दिया है। इस संबंध में शासन ने सोमवार को सभी जिलों के डीआईओएस को आदेश भेज दिया है। शासन ने कहा है कि एक्ट की उप धारा-3 (क) ही शिक्षकों का सेवा कवच है, जिसे दरकिनार करना प्रबंधतंत्र और डीआईओएस के लिए बहुत मुश्किल होगा
डीआईओएस द्वारा मामले को लटकाना उत्पीड़न: इस धारा के तहत कोई भी प्रबंधतंत्र बिना जिला विद्यालय निरीक्षक के पूर्व अनुमोदन या अनुमति के प्रबंधतंत्र किसी भी शिक्षक के विरुद्ध कोई दंडित कार्यवाही नहीं कर सकता। न ही किसी शिक्षक को हटा सकता है। न उसकी सेवा समाप्त कर सकता है और न ही नोटिस तक दे सकता है।

