यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में पंजीकृत 25,76,082 छात्र-छात्राओं को पहली बार इंप्रूवमेंट परीक्षा देने का मौका मिलेगा। यूपी बोर्ड ने इसी साल से इंटर के पांच विषयों में से एक विषय में इंप्रूवमेंट परीक्षा शुरू करने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। इस पर औपचारिक सहमति भी मिल चुकी है और अप्रैल अंत में परिणाम घोषित होने के बाद इसके आवेदन लिए जाएंगे। यह व्यवस्था केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) में पहले से लागू है। इन दोनों बोर्ड के परीक्षार्थी दो-दो विषयों में इंप्रूवमेंट दे सकते हैं।
कई बार ऐसा होता है कि तबीयत खराब होने, पारिवारिक-सामाजिक या अन्य कारणों से परीक्षार्थी किसी विषय में पास तो हो जाते हैं लेकिन उसे बहुत कम नंबर मिलते हैं। इसका असर उसकी आगे की पढ़ाई और कॅरियर पर भी पड़ता है। ऐसे में बड़ी संख्या में ऐसे परीक्षार्थी होते हैं जो अंकसुधार (इंप्रूवमेंट) परीक्षा देना चाहते हैं लेकिन यूपी बोर्ड में ऐसी व्यवस्था ही नहीं थी। इसी समस्या को दूर करने के लिए बोर्ड की ओर से इस साल इंटर के परीक्षार्थियों के लिए भी इंप्रूवमेंट की व्यवस्था शुरू करने का प्रस्ताव भेजा गया है। इस पर सैद्धांतिक सहमति भी मिल चुकी है।
सचिव भगवती सिंह का कहना है कि शासन से मंजूरी मिलने पर इंटर में इंप्रूवमेंट की व्यवस्था लागू की जाएगी। यूपी बोर्ड ने 2020 से इंटर में कम्पार्टमेंट की व्यवस्था लागू की थी। इसके तहत इंटर का कोई छात्र यदि एक विषय में फेल है तो कम्पार्टमेंट परीक्षा देकर पास हो सकता है। उससे पहले एक विषय में फेल इंटर के परीक्षार्थियों को दोबारा से सभी पांच विषयों की परीक्षा देनी होती थी। हाईस्कूल में इंप्रूवमेंट/कंपार्टमेंट की सुविधा पहले से लागू है।

