बेसिक शिक्षा विभाग में 6 करोड़ के घोटाले की जांच करेगी सीबीआई, शिक्षकों के खातों में भी पहुंची थी रकम
अमेठी सिटी। बेसिक शिक्षा विभाग में छह करोड़ रुपये से अधिक के चर्चित गबन प्रकरण की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) करेगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने शिक्षक श्रवण कुमार द्विवेदी की याचिका पर सुनवाई करते हुए प्राथमिकी की आगे की जांच सीबीआई को सौंप दी। साथ ही वसूली आदेश पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है।
न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकलपीठ ने कहा कि जब किसी प्रकरण में आपराधिक प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है, तब कथित गबन की रकम की वसूली भू-राजस्व की तरह नहीं की जा सकती। ऐसी स्थिति में धनराशि की वसूली कानून में निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप ही संभव है। अदालत ने अमेठी के जिलाधिकारी से व्यक्तिगत शपथपत्र दाखिल कर यह स्पष्ट करने को कहा है कि संबंधित वसूली आदेश किस कानूनी प्रावधान के तहत जारी किया गया।
सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष बताया गया कि बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखा कार्यालय तथा कोषागार से जुड़े लोगों की मिलीभगत से सरकारी धनराशि विभिन्न खातों में पहुंची थी। मामला सामने आने के बाद जांच शुरू हुई और प्राथमिकी दर्ज की गई। अदालत ने पाया कि मामले की आपराधिक जांच जारी है, जबकि वसूली की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई थी।
अदालत ने सीबीआई के संयुक्त निदेशक लखनऊ को एफआईआर की आगे की जांच अपने हाथ में लेने और अगली सुनवाई पर स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। एसपी अमेठी को केस डायरी और समस्त अभिलेख तत्काल सीबीआई को सौंपने के आदेश भी दिए गए हैं।
सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि करोड़ों रुपये अलग-अलग खातों में भेजे गए थे। अदालत ने टिप्पणी की कि इस प्रकार की कार्यप्रणाली अन्य जिलों में भी अपनाई गई हो सकती है। ऐसे में व्यापक और निष्पक्ष जांच आवश्यक है। मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को होगी।
प्रारंभिक जांच में 3.13 करोड़ रुपये के गबन की बात सामने आई थी। बाद में यह राशि 4.34 करोड़ रुपये से अधिक पाई गई। जांच आगे बढ़ने पर कुल रकम छह करोड़ रुपये तक पहुंचने की आशंका जताई गई। (संवाद)
ये है पूरा मामला बेसिक शिक्षा विभाग में अवशेष देयक, सामान्य भविष्य निधि और बीमा भुगतान से जुड़ी धनराशि के लेनदेन में बड़े पैमाने पर अनियमितता उजागर हुई थी। प्रकरण में शिक्षक, लेखा लिपिक और आउटसोर्सिंग कर्मियों समेत कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
शिक्षकों के खातों में भी पहुंची थी रकम विभागीय अभिलेखों के अनुसार शिक्षक श्रवण कुमार द्विवेदी के खाते में 77.06 लाख रुपये तथा शिक्षक शैलेश चंद्र शुक्ल के खाते में 47.42 लाख रुपये पहुंचे थे। शेष राशि लेखा विभाग और आउटसोर्सिंग कर्मियों से जुड़े खातों में स्थानांतरित होने की बात जांच में सामने आई थी।
पूर्व मंत्री मामले को खत्म करने की अर्जी पर बहस 17 को अमेठी सिटी। दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती के खिलाफ एमपी-एमएलए कोर्ट सुलतानपुर में चल रहे मामले में शनिवार को केस खत्म करने की अर्जी पर सुनवाई हुई। सोमनाथ भारती ने स्वयं को सुप्रीम कोर्ट का अधिवक्ता बताते हुए व्यस्तता का हवाला दिया और वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अपना पक्ष रखने की अनुमति मांगी। स्पेशल मजिस्ट्रेट सुलतानपुर शुभम वर्मा ने उनकी अर्जी स्वीकार करते हुए साकेत कोर्ट से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जुड़कर बहस करने की अनुमति दे दी। मामले में अगली सुनवाई और बहस के लिए 17 जून की तारीख तय की गई है। मामला जगदीशपुर के हरपालपुर गांव निवासी सोमनाथ साहू की शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने नौ जनवरी 2021 की घटना का हवाला देते हुए सोमनाथ भारती पर विवादित टिप्पणी करने का आरोप लगाया था। मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए अदालत में चल रही है। आरोप तय किए जाने से पहले सोमनाथ भारती की ओर से यह अर्जी दाखिल की गई है, जिसमें उन्होंने स्वयं को निर्दोष बताते हुए मुकदमा समाप्त करने की मांग की है। इसी अर्जी पर अब अदालत में बहस होगी। (

