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31 May 2026

नई नियुक्ति हो गई फिर भी मिल रहे पुराने लाभ

 

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नुदानित मदरसों में जीपीएफ और पुरानी पेंशन योजना में नियमविरुद्ध लाभ का खुलासा

, लखनऊ: यूपी के अनुदानित मदरसों में कई लोगों की नियुक्ति पहले लिपिक और चपरासी जैसे पदों पर हुई। 2005 के बाद उन्हें सहायक अध्यापक पद पर नई नियुक्ति दे दी गई। नियमों में प्रावधान न होने के बावजूद, इन कर्मियों की पहली नियुक्ति की सेवा को जोड़कर न केवल उनकी जीपीएफ कटौती जारी रखी गई, बल्कि उन्हें पुरानी पेंशन योजना का लाभ भी दिया जा रहा है। इस बड़े खेल के खुलासे के बाद सक्रिय हुए मदरसा परिषद ने सभी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों से 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है।


क्या है मामला ■ जौनपुर निवासी एजाज अहमद ने अल्पसंख्यक कल्याण निदेशक के यहां अनुदानित मदरसों में कथित घोटाले की शिकायत की। ■ शिकायत में कहा गया कि यूपी में 1-4-2005 को पुरानी पेंशन योजना खत्म कर दी गई थी। यानी, इसके बाद जिनकी नियुक्ति होगी, उन्हें पुरानी पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा और न पुरानी पेंशन योजना के तहत जीपीएफ की कटौती होगी। ■ आरोप है यूपी के कई अनुदानित मदरसों में 1-04-2005 के बाद नियुक्तियों में भी कर्मियों को ये लाभ दिए जा रहे हैं। ये वे कर्मी हैं जिनकी पहली नियुक्ति उक्त तिथि से पहले चपरासी या लिपिक पद पर हुई थी, पर बाद में उसी मदरसे में उनकी दूसरी नियुक्ति सहायक अध्यापक या प्रधानाचार्य पद पर कर दी गई।

ऐसा कोई नियम नहीं ■ शिकायतकर्ता के अनुसार, एक मामले में HC के आदेश पर 2024 में त्रि-स्तरीय समिति ने जांच की थी। ■ समिति ने रिपोर्ट में कहा कि उप मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम 2004 और उप अशासकीय अरबी एवं फारसी मदरसा मान्यता, प्रशासन और सेवा नियमावली 2016 में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। ■ समिति ने स्पष्ट किया था कि ऐसे मामलों में जीपीएफ कटौती और OPS का लाभ दिया जाना नियम विरुद्ध है।

ये कर्मचारी ले रहे हैं लाभ ■ मदरसा जामिया इस्लामिया, वाराणसी: महबूब आलम - पहली नियुक्ति लिपिक पद, दूसरी 2011 में प्रधानाचार्य पद पर। ■ मदरसा प्राइमरी इस्लाह, भदोही: मो. शोएब खां - पहली नियुक्ति लिपिक पद पर, दूसरी नियुक्ति 2019 में सहायक अध्यापक पद पर। ■ मदरसा अहिया मुन्ना बजरडीहा, वाराणसी: आरिफ - पहली नियुक्ति लिपिक पद पर, दूसरी नियुक्ति 2012 में सहायक अध्यापक पद पर। ■ मदरसा जामिया फारुकिया, वाराणसी: सलीम - पहली नियुक्ति चपरासी पद पर, दूसरी नियुक्ति 2016 में सहायक अध्यापक।