लखनऊ: जनगणना के पहले चरण में सात से 21 मई के बीच लखनऊ में स्वगणना होगी। यह एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है, जिसमें जनगणना पोर्टल पर जाकर स्वयं को पंजीकृत करना है। इसमें अपने परिवार के सदस्यों और नौकरी, व्यवसाय व अन्य जानकारियां देनी हैं। इस प्रक्रिया से सर्वेक्षण से पहले ही सटीक डेटा मिल जाएगा, जिससे समय की बचत होगी। फार्म भरने वाले को 11 अंकों की आइडी मिलेगी जिसका फायदा यह होगा कि सर्वेक्षण के दौरान गणना अधिकारी को दिखाने पर फिर से फार्म भरने से मुक्ति मिल जाएगी। स्वगणना का फार्म se.census.gov.in पोर्टल पर आनलाइन भर सकते हैं।
स्वगणना प्रक्रिया में किसी तरह की खामी न रहे और लोग आसानी से फार्म भर सकें, इसके लिए उससे संबंधित अफसरों व कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। डीएम विशाखजी ने गुरुवार को कार्ययोजना व क्रियान्वयन से संबंधित समस्त प्रशासनिक व तकनीकी बिंदुओं पर नामित नोडल अफसरों संग बैठक की। डीएम ने निर्देश दिए कि सभी नोडल अधिकारी अपने-अपने कार्यालयों में कार्यरत अफसरों व कर्मियों को प्रशिक्षण प्रदान कर निर्धारित अवधि में स्वगणना सुनिश्चित कराएं। इसके लिए प्रत्येक कार्यालय में स्वगणना संबंधी कार्यशालाओं का आयोजन होगा, जिससे कार्मिकों को प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी प्राप्त हो और किस प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अधिकतम संख्या में स्वगणना कराए जाने हेतु प्रभावी प्रयास किए जाएं। आनलाइन स्वगणना के बारे में डीएम ने बताया कि प्रत्येक परिवार से एक सदस्य पोर्टल पर जाकर स्वगणना पूर्ण करे तथा प्राप्त आइडी को सुरक्षित रखें। इसके लिए रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट व बस स्टाप जैसे प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर स्वगणना से संबंधित जागरूकता के लिए प्रचार किया जाएगा। बैठक में सीडीओ अजय जैन सहित जनगणना निदेशालय से डा. गौरव पांडेय (उप निदेशक), उपासना गिरी (सहायक निदेशक), रमेश पांडेय (सांख्यिकीय अन्वेषक) व अनिल सिंह उपस्थित रहे।
11 नंबर की मिलेगी आइडी, सर्वेक्षण के दौरान फिर नहीं भरना पड़ेगा फार्म

