01 May 2026

RTE से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET से छूट देने की मांग तेज, टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन

 

🔴 यूपी में RTE लागू होने की तिथि पर टीचर्स फेडरेशन का जोर, 27 जुलाई 2011 का हवाला देते हुए उठाई आवाज


🔴 RTE से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET से छूट देने की मांग तेज, टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन

लखनऊ। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (TFI) ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी (TET) अनिवार्यता से छूट देने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा है। यह ज्ञापन 26 फरवरी 2026 को प्रेषित किया गया, जिसमें देशभर के लाखों शिक्षकों की समस्याओं को उठाया गया है।

ज्ञापन में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश में RTE Act वर्ष 2009 के तहत 27 जुलाई 2011 से लागू हुआ। अधिनियम के अनुसार, इस तिथि के बाद नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) अनिवार्य की गई थी, जबकि इससे पहले नियुक्त शिक्षकों को इस बाध्यता से मुक्त रखा गया था।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 के फैसले के बाद अब RTE लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर भी TET अनिवार्य कर दिया गया है। इससे देशभर के पुराने शिक्षकों में असंतोष बढ़ गया है, क्योंकि यह निर्णय उनके अनुसार भूतलक्षी (Retrospective) प्रभाव डालता है।

TFI ने अपने ज्ञापन में कहा है कि इस फैसले के कारण दशकों से सेवा दे रहे शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और अधिकारों पर संकट उत्पन्न हो गया है। संगठन का तर्क है कि पहले से नियुक्त शिक्षकों पर नए नियम लागू करना न्यायसंगत नहीं है और इससे शिक्षा व्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

इसी मांग को लेकर शिक्षकों ने 26 फरवरी 2026 को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना भी दिया और जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री तक अपनी बात पहुंचाई।

फेडरेशन ने सरकार से अपील की है कि RTE लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET से छूट देने हेतु आवश्यक कानूनी संशोधन या अध्यादेश लाया जाए, ताकि शिक्षकों के हितों की रक्षा हो सके।

यह मुद्दा फिलहाल राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले समय में इस पर बड़ा निर्णय होने की संभावना जताई जा रही है।