25 May 2026

तबादला प्रक्रिया शुरू होते ही शिक्षकों में नाराजगी, वर्षों से दूरदराज क्षेत्रों में कर रहे सेवा

 

तबादला प्रक्रिया शुरू होते ही शिक्षकों में नाराजगी, वर्षों से दूरदराज क्षेत्रों में कर रहे सेवा



लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया शुरू होते ही शिक्षकों में नाराजगी बढ़ गई है। लंबे समय से दूरस्थ जिलों और ब्लॉकों में कार्यरत शिक्षक अपने गृह जनपद या नजदीकी क्षेत्रों में स्थानांतरण की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि वर्षों से परिवार से दूर रहकर सेवा देने के बावजूद उन्हें इच्छित जिलों में तबादले का अवसर नहीं मिल पा रहा है।


शिक्षकों के अनुसार, कई शिक्षक जिले के भीतर ही दूरस्थ ब्लॉकों में तैनात हैं और लगातार घर के पास स्थानांतरण की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि तबादला न होने से पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करना कठिन हो रहा है।


प्राथमिकता के आधार पर तबादले की मांग


उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने मांग की है कि ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों से कार्यरत शिक्षकों को नगर क्षेत्र के विद्यालयों में प्राथमिकता के आधार पर स्थानांतरित किया जाए।


उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 के बाद नगर क्षेत्रों में समायोजन नहीं किया गया, जिसके कारण वहां शिक्षकों की भारी कमी हो गई है। वहीं बेसिक शिक्षा परिषद के नगर क्षेत्र विद्यालयों में लगभग 10 हजार पद रिक्त बताए जा रहे हैं।


शिक्षक संगठनों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में विपरीत परिस्थितियों में लंबे समय तक सेवा देने वाले शिक्षकों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। साथ ही दिव्यांग, गंभीर रूप से बीमार और महिला शिक्षकों को विकल्प देकर समायोजित किए जाने की मांग भी उठाई गई है।


जनगणना ड्यूटी में लगे शिक्षकों को उपार्जित अवकाश देने की मांग


इसी बीच प्रदेश में जनगणना कार्य में लगाए गए राजकीय एवं एडेड माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को उपार्जित अवकाश (Earned Leave) देने की मांग भी तेज हो गई है। राजकीय शिक्षक संघ ने इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजा है।


संघ के प्रांतीय पदाधिकारियों का कहना है कि भीषण गर्मी और लू के बीच शिक्षकों से जनगणना ड्यूटी कराई जा रही है। कई जिलों में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंच चुका है, जिससे शिक्षकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।


शिक्षक संगठनों ने सरकार से मांग की है कि जनगणना ड्यूटी में लगे शिक्षकों को विशेष अवकाश और आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएं।