25 May 2026

आंगनबाड़ी में पोषाहार वितरण का बदला सिस्टम, अब OTP बताने पर ही मिलेगा पोषण आहार

 

आंगनबाड़ी में पोषाहार वितरण का बदला सिस्टम, अब OTP बताने पर ही मिलेगा पोषण आहार

लखनऊ। प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब लाभार्थियों को पोषण आहार प्राप्त करने के लिए ओटीपी (OTP) आधारित सत्यापन प्रक्रिया से गुजरना होगा। बिना OTP बताए अब पोषाहार नहीं मिलेगा। नई व्यवस्था लागू होने के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मोबाइल ऐप के जरिए वितरण प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

पोषाहार में बदलाव, अलग-अलग श्रेणियों को दिए गए नए नाम

नई व्यवस्था के तहत बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं के लिए दिए जाने वाले पोषाहार को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है और उन्हें नए नाम दिए गए हैं।

  • छह माह से एक वर्ष तक के बच्चों को आटा-बेसन का मीठा हलवा दिया जाएगा, जिसे ‘शिशु अमृत’ नाम दिया गया है।
  • एक से तीन वर्ष तक के बच्चों के लिए विशेष शिशु आहार की व्यवस्था की गई है।
  • तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को आटा-बेसन की बर्फी, दलिया और मूंग दाल की नमकीन खिचड़ी दी जाएगी। इसे ‘बाल पुष्टिकर’ नाम दिया गया है।
  • गर्भवती और धात्री महिलाओं को आटा-बेसन, सोया बर्फी, दलिया और मूंग दाल की नमकीन खिचड़ी उपलब्ध कराई जाएगी, जिसे ‘संपूर्ण मातृ आहार’ कहा गया है।
  • अति कुपोषित बच्चों के लिए मीठा हलवा दिया जाएगा, जिसका नाम ‘बाल संजीवनी’ रखा गया है।

जिले में 1.70 लाख से अधिक लाभार्थी पंजीकृत

जिले में कुल 2,730 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों पर लगभग 1.70 लाख बच्चे और 15 हजार से अधिक गर्भवती महिलाएं पंजीकृत हैं। वहीं धात्री महिलाओं की संख्या भी करीब 15 हजार बताई गई है।

आंकड़ों के अनुसार—

  • 15,113 धात्री महिलाएं
  • 15,871 गर्भवती महिलाएं
  • 1 लाख बच्चे (6 माह से 3 वर्ष तक)
  • 70 हजार बच्चे (3 से 6 वर्ष तक)
    आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत हैं।

मोबाइल ऐप से होगी पूरी प्रक्रिया

नई व्यवस्था के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अपने मोबाइल फोन में संबंधित ऐप डाउनलोड करना होगा। ऐप के माध्यम से लाभार्थियों का विवरण दर्ज किया जाएगा और OTP सत्यापन के बाद ही पोषाहार वितरण संभव होगा।

जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रेया कुमार ने बताया कि OTP सत्यापन नहीं होने पर संबंधित लाभार्थी का पोषाहार जारी नहीं किया जाएगा। निदेशालय स्तर से केवल उन्हीं लाभार्थियों का पोषण आहार भेजा जाएगा, जिनका आधार पंजीकरण और चेहरा प्रमाणीकरण पूरा हो चुका होगा।