25 May 2026

CBSE की तकनीकी खामियां दूर करने के लिए IIT विशेषज्ञों की मदद, पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया होगी मजबूत

 

CBSE की तकनीकी खामियां दूर करने के लिए IIT विशेषज्ञों की मदद, पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया होगी मजबूत

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की तकनीकी खामियों को दूर करने और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाने के लिए अब IIT विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इस दिशा में IIT मद्रास और IIT कानपुर के विशेषज्ञों को नियुक्त करने का फैसला किया है।

मंत्रालय के अनुसार, विशेषज्ञों की टीम CBSE की तकनीकी चुनौतियों का अध्ययन कर आवश्यक सुधारात्मक उपाय सुझाएगी। इसमें प्रोफेसर और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो बोर्ड की डिजिटल प्रणाली और पुनर्मूल्यांकन सेवाओं को अधिक मजबूत बनाने में सहयोग करेंगे।

पोर्टल और सर्वर सिस्टम की होगी जांच

विशेषज्ञ टीम विशेष रूप से CBSE पोर्टल की स्थिरता, सर्वर प्रदर्शन और तकनीकी कार्यप्रणाली की जांच करेगी। हाल ही में परीक्षा परिणाम और पुनर्मूल्यांकन सेवाओं से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के कारण छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ी थी।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के हित सर्वोपरि हैं और एक पारदर्शी, कुशल तथा छात्रहितैषी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

आईटी अवसंरचना को किया जाएगा मजबूत

IIT विशेषज्ञ लॉगिन प्रमाणीकरण, यूजर एक्सेस सिस्टम, भुगतान गेटवे और पोर्टल की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने पर भी काम करेंगे। इसके साथ ही CBSE की आईटी अवसंरचना की मजबूती का परीक्षण किया जाएगा ताकि भविष्य में तकनीकी बाधाएं कम हों।

भुगतान गेटवे में सुधार के लिए बैंकों का सहयोग

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने CBSE के भुगतान गेटवे सिस्टम में सुधार के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से सहयोग मांगा है। निर्णय लिया गया है कि सार्वजनिक क्षेत्र के चार बैंक—

  • स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)
  • बैंक ऑफ बड़ौदा
  • केनरा बैंक
  • इंडियन बैंक

CBSE के भुगतान गेटवे और पोर्टल सेवाओं को मजबूत बनाने में तकनीकी सहायता देंगे।

इन बैंकों की मदद से समय पर भुगतान सुनिश्चित करने, भुगतान संबंधी समस्याओं को दूर करने और अतिरिक्त भुगतान होने पर स्वतः धनवापसी जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा।