यूपी में प्रशासनिक अधिकारियों को अब सांसदों और विधायकों के सामने हाथ जोड़ने पड़ेंगे। कार्यालय में आने पर अधिकारियों को सांसदों व विधायकों का हाथ जोड़कर व उठकर सम्मान करना होगा। उनसे पानी भी पूछना होगा। इतना नहीं फोन आने पर उसका जवाब देना होगा, बैठक में होने पर पलटकर फोन कर जवाब देना होगा। सम्मानजनक व्यवहार न करना अधिकारियों को अब भारी पड़ेगा। ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ ‘उप्र राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली’ के तहत कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने इस संबंध में गुरुवार को शासनादेश जारी किया है। इसमें अब तक जारी 15 शासनादेशों का हवाला देते हुए कहा गया है कि इतने आदेश जारी करने के बाद भी संसद सदस्यों, विधानमंडल सदस्यों आदि के साथ प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन न करने की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं। अधिकारियों द्वारा ऐसा न किया जाना प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। यह स्थिति अत्यंत खेदजनक है।

