राहत : बिजली बिल में 10 फीसदी बढ़ोतरी आयोग को मंजूर नहीं
जून के बिजली बिल में 10 प्रतिशत अतिरिक्त वसूली (ईंधन अधिभार शुल्क) को नियामक आयोग ने नियमों के विपरीत करार दिया है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की याचिका पर सुनवाई करते हुए आयोग ने कहा कि पुराने भुगतान को अधिभार शुल्क में समायोजित करने की व्यवस्था बहुवर्षीय विनियम-2025 (एमवाईटी) में नहीं है। आयोग ने पावर कॉरपोरेशन से सात दिनों में नया आकलन जमा करने के आदेश दिए हैं। कॉरपोरेशन से कहा गया है कि केवल मार्च में अतिरिक्त खर्च की गणना होगी।
पावर कॉरपोरेशन ने मार्च में ईंधन अधिभार शुल्क का समायोजन करते हुए जून के बिल में 10 फीसदी वसूली के आदेश दिए थे। पावर कॉरपोरेशन ने साफ कर दिया था कि अपीलीय न्यायाधिकरण के आदेशों के पालन में किए गए भुगतान की रकम को भी जोड़ कर समायोजित किया गया है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की सोमवार को दाखिल याचिका में इसको अधिभार में समायोजित करने पर आपत्ति की गई।
आदेश वापस नहीं लिया तो आज से बिल में 10% जुड़ेगा
सूत्रों के मुताबिक दस प्रतिशत अधिभार शुल्क जोड़कर बिल बनाने के लिए सॉफ्टवेयर में बदलाव हो गए हैं। पावर कॉरपोरेशन अतिरिक्त वसूली का आदेश वापस नहीं लेता है तो मंगलवार से पुराने आदेशों पर बिल जारी होने शुरू हो जाएंगे।
उपभोक्ता परिषद ने कहा है कि अगर मार्च में ऊर्जा खरीद में अतिरिक्त खर्च का आकलन किया जाएगा तो उपभोक्ताओं को 10 प्रतिशत देना नहीं होगा बल्कि उन्हें दो प्रतिशत की रियायत मिलेगी।

