04 June 2026

यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 206 पीपीएस अफसरों और 3 पीसीएस अधिकारियों के तबादले

 

उत्तर प्रदेश में एक बार फिर प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। राज्य सरकार और पुलिस विभाग ने व्यापक स्तर पर तबादले करते हुए 206 पीपीएस (प्रांतीय पुलिस सेवा) अधिकारियों के स्थानांतरण के आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही तीन पीसीएस अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस फैसले के बाद कई जिलों और पुलिस कमिश्नरेटों में अधिकारियों की तैनाती बदल गई है। खास बात यह है कि राजधानी लखनऊ में तैनात कई डिप्टी एसपी स्तर के अधिकारियों का भी तबादला किया गया है।



 




प्रदेश में समय-समय पर होने वाले ऐसे प्रशासनिक बदलावों को शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाता है। इस बार हुए तबादलों में मुख्यमंत्री सुरक्षा, लखनऊ कमिश्नरेट, वाराणसी, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर और अन्य जिलों के अधिकारी शामिल हैं। इससे पुलिस प्रशासन में नई कार्यशैली और जिम्मेदारियों का संतुलन देखने को मिल सकता है।



 



मुख्यमंत्री सुरक्षा में तैनात रहे जितेंद्र कुमार को शाहजहांपुर भेजा गया है। वहीं लखनऊ कमिश्नरेट में कार्यरत विकास कुमार जायसवाल को मुख्यमंत्री सुरक्षा में नई जिम्मेदारी दी गई है। गोरखपुर में तैनात उदय प्रताप सिंह द्वितीय को लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में सहायक पुलिस आयुक्त बनाया गया है। इसके अलावा लखनऊ में तैनात सतीश कुमार राय को मेरठ में पीएसी की छठवीं वाहिनी में भेजा गया है।



 



राजधानी लखनऊ में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। सहायक पुलिस आयुक्त अभय कुमार मल्ल को बलरामपुर भेजा गया है। महोबा में तैनात गौरव उपाध्याय और अंबेडकरनगर में तैनात शुभम कुमार को लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में सहायक पुलिस आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्यमंत्री सुरक्षा से वाराणसी कमिश्नरेट भेजे गए राजेश कुमार सिंह को अब लखनऊ कमिश्नरेट में तैनाती दी गई है। इससे साफ है कि राजधानी में अनुभवी अधिकारियों की नियुक्ति को प्राथमिकता दी गई है।



 



कासगंज में तैनात शाहिदा नसरीन को भी लखनऊ कमिश्नरेट भेजा गया है। वहीं शिप्रा पांडेय को लखनऊ से डीजीपी मुख्यालय में आईजी कानून-व्यवस्था कार्यालय में तैनात किया गया है। अनुष्का को प्रयागराज स्थित पीएसी की चतुर्थ वाहिनी भेजा गया है, जबकि सुरेंद्र शर्मा को बरेली में पीएसी की आठवीं वाहिनी में स्थानांतरित किया गया है। वीरेंद्र विक्रम को कानपुर कमिश्नरेट और अतुल कुमार पांडेय को रामपुर से लखनऊ कमिश्नरेट भेजा गया है।



 



इसके अलावा अभिषेक कुमार पांडेय को कानपुर कमिश्नरेट से लखनऊ भेजा गया है। विनय कुमार द्विवेदी को मुजफ्फरनगर, राजकुमार सिंह द्वितीय को प्रयागराज कमिश्नरेट तथा अनिद्य विक्रम सिंह को गाजीपुर में नई जिम्मेदारी मिली है। रंजीत कुमार, प्रतीक दहिया और महेश त्यागी जैसे अधिकारियों को भी लखनऊ कमिश्नरेट में तैनाती देकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। वहीं अभिनव यादव द्वितीय को लखनऊ से एटीएस में भेजा गया है, जो राज्य की सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से अहम माना जा रहा है।



 



इन तबादलों का असर केवल पुलिस विभाग तक सीमित नहीं रहा। प्रदेश सरकार ने तीन पीसीएस अधिकारियों के भी स्थानांतरण किए हैं। सृष्टि धवन को उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय में उप निदेशक नियुक्त किया गया है। संतोष कुमार राय को चित्रकूट धाम मंडल का अपर आयुक्त बनाया गया है। वहीं आनंद मोहन उपाध्याय को कानपुर नगर का अपर जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से इन अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।



 



विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े पैमाने पर होने वाले ऐसे तबादले प्रशासन में नई ऊर्जा और कार्यकुशलता लाने का प्रयास होते हैं। नए जिलों और विभागों में पहुंचने वाले अधिकारी अपने अनुभव और कार्यशैली के आधार पर स्थानीय प्रशासन को बेहतर बनाने में योगदान दे सकते हैं। साथ ही शासन की प्राथमिकताओं को जमीन पर लागू करने में भी यह बदलाव महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



उत्तर प्रदेश में 206 पीपीएस और 3 पीसीएस अधिकारियों के तबादले राज्य के प्रशासनिक ढांचे में एक बड़े फेरबदल के रूप में देखे जा रहे हैं। राजधानी लखनऊ समेत कई महत्वपूर्ण जिलों में अधिकारियों की नई तैनाती आने वाले समय में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों पर असर डाल सकती है। जनता की उम्मीद रहेगी कि नए दायित्वों के साथ अधिकारी अपने कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करें और शासन की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करें।