*टीईटी प्रभावित शिक्षकों को सीएम योगी ने दी बड़ी राहत, कहा- सरकार उठाएगी आवश्यक कदम*
*मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिषदीय विद्यालयों में टीईटी अनिवार्यता से प्रभावित शिक्षकों को सेवा सुरक्षा का आश्वासन दिया है।*
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में टीईटी अनिवार्यता से प्रभावित शिक्षकों की सेवा सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सकारात्मक आश्वासन मिला है।
शिक्षक प्रतिनिधिमंडल ने दावा किया है कि मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों के अनुभव और योगदान का पूरा सम्मान किया जाएगा। उनकी सेवाएं सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाया जा रहा है और आगे भी शिक्षकों के हितों का ध्यान रखा जाएगा।
विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) देवेंद्र प्रताप सिंह और राज बहादुर सिंह चंदेल के नेतृत्व में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनय तिवारी व संयुक्त महामंत्री अमित सिंह ने मुख्यमंत्री से उनके कालीदास मार्ग स्थित आवास पर मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल ने सबसे पहले शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और मध्याह्न भोजन योजना से जुड़े रसोइयों के लिए लागू कैशलेस चिकित्सा योजना पर मुख्यमंत्री का आभार जताया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने टीईटी प्रभावित शिक्षकों का मुद्दा उठाया।
कहा कि वर्षों से विद्यालयों में सेवाएं दे रहे शिक्षकों की नौकरी सर्वोच्च न्यायालय के एक आदेश के बाद संकट में आ गई है। ऐसे शिक्षकों के अनुभव को देखते हुए उन्हें सेवा अवधि के आधार पर वेटेज दिया जाए और विशेष विभागीय टीईटी परीक्षा आयोजित कर उनकी सेवाएं सुरक्षित की जाएं।
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों के लंबे अनुभव और योगदान को देखते हुए ही राज्य सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के एक सितंबर 2025 के आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की थी। सरकार सभी शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। वर्ष 2000 के बाद अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्त तदर्थ शिक्षकों का मामला भी उठाया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने अपने एक अंतरिम आदेश में कहा था कि इन शिक्षकों को बाहर करने की मंशा नहीं है। साथ ही शासनादेश 9 नवंबर 2023 में संशोधन या उसे निरस्त कर राजकोष से वेतन प्राप्त कर रहे तदर्थ शिक्षकों को उनके वर्तमान पदों पर ही समायोजित करने का सुझाव भी रखा।
एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ हुई वार्ता बेहद सकारात्मक रही। शिक्षकों को किसी भ्रम में पड़ने या भटकने की आवश्यकता नहीं है। सरकार उनके अनुभव का सम्मान करते हुए उचित समाधान निकालने के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है।

