07 June 2026

UP B.Ed Internship News 2026: अब माध्यमिक विद्यालयों में इंटर्नशिप होगी अनिवार्य, शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश

 

यूपी में बीएड छात्रों के लिए नया नियम: अब माध्यमिक विद्यालयों में इंटर्नशिप होगी अनिवार्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बीएड (B.Ed.) छात्र-छात्राओं के प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश के सभी सरकारी और निजी बीएड कॉलेजों के प्रशिक्षुओं को अनिवार्य रूप से राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में इंटर्नशिप करनी होगी।

माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) और मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।


शासन के निर्देशों के तहत लागू होगी व्यवस्था

शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) प्रताप सिंह बघेल द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह व्यवस्था शासन के 30 अप्रैल 2026 के निर्देशों तथा राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) के प्रावधानों के अनुरूप लागू की जा रही है।

जिन क्षेत्रों में राजकीय माध्यमिक विद्यालय उपलब्ध नहीं होंगे, वहां बीएड प्रशिक्षुओं को वित्तपोषित सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में इंटर्नशिप का अवसर दिया जाएगा।

कॉलेजों को देनी होगी प्रशिक्षुओं की सूची

नई व्यवस्था के तहत सभी बीएड कॉलेजों को अपने छात्र-छात्राओं की सूची समय से संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षक को उपलब्ध करानी होगी। इसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रशिक्षुओं के लिए विद्यालयों का आवंटन करेंगे।

विभाग ने पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रशिक्षण कार्यक्रम सुचारु रूप से संचालित हो सके।

मिलेगा वास्तविक शिक्षण अनुभव

इंटर्नशिप के दौरान बीएड छात्र-छात्राएं विद्यालयों में कक्षा शिक्षण, पाठ योजना (Lesson Plan) तैयार करना, विद्यार्थियों का मूल्यांकन, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का संचालन तथा विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझ सकेंगे।

इसके अलावा प्रशिक्षुओं को अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन में पढ़ाने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी शिक्षण क्षमता, कक्षा प्रबंधन कौशल और विद्यार्थियों से संवाद करने की क्षमता में सुधार होगा।

विद्यालयों को भी मिलेगा लाभ

इस पहल से सरकारी एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को भी प्रशिक्षित और उत्साही युवा प्रशिक्षुओं का सहयोग मिलेगा। इससे विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

शिक्षा विभाग का मानना है कि यह कदम भविष्य के शिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण देने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।